'गिव अप अभियान' से त्याग और सामाजिक सरोकार की भावना हुई चरितार्थ
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री जयपुर में जुड़े सबसे अधिक वंचित पात्र
बाड़मेर और सीकर रहे द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर
जयपुर, बीकानेर एवं भरतपुर जिलों में खुलेंगे अनाज एटीएम
जयपुर। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बुधवार को गिव अप अभियान एवं अन्य महत्वपूर्ण विभागीय उपलब्धियों पर सचिवालय में प्रेस वार्ता की। प्रेस वार्ता के दौरान गोदारा ने बताया कि 1 नवम्बर 2024 को शुरू हुए गिव अप अभियान ने प्रदेशवासियों की त्याग एवं सामाजिक सरोकार की भावना को उजागर किया है। इस अभियान के माध्यम से प्रदेशभर में अब तक 54.36 लाख से अधिक संपन्न लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा सूची से अपना नाम हटवाया है। उन्होंने बताया कि 28 फरवरी को अभियान के अवधि समाप्त होने के उपरांत स्वेच्छा से गिव अप नहीं करने वाले अपात्रों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गोदारा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं कहा है की खाद्य सुरक्षा संतृप्ति अभियान यह सुनिश्चित करता है की कोई भी पात्र छूट न जाए। प्रधानमंत्री के इस कथन को ध्येयवाक्य मानते हुए एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दिशा निर्देशों की अनुपालना में चलाए जा रहे कि गिव अप अभियान को प्रदेश की जनता से अपार समर्थन प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया की प्रदेश में जनसंख्या के अनुपात में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत 4.46 करोड़ लाभार्थियों की सीलिंग थी। यह संख्या पूरी हो जाने के कारण खाद्य सुरक्षा सूची में नए पात्र लाभार्थियों हेतु जगह नहीं बन पा रही थी। गिव अभियान के अंतर्गत अपात्रों द्वारा स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा छोड़ने एवं करीब 27 लाख एनएफएसए लाभार्थियों द्वारा ई केवाईसी नहीं करवाए जाने से 81 लाख वंचित पात्रों हेतु खाद्य सुरक्षा सूची में रिक्तियां बनी। यह संख्या प्रदेश में वर्तमान खाद्य सुरक्षा लाभार्थियों का 18.6 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री द्वारा गत वर्ष 26 जनवरी को खाद्य सुरक्षा पोर्टल पुन: प्रारंभ किए जाने के बाद अब तक लगभग 73 लाख वंचित पात्रों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने बताया कि हाल ही में संपन्न 32 वीं उत्तर क्षेत्रीय परिषद की बैठक में देश के माननीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा प्रदेश में संचालित गिव अप अभियान को सराहा गया।
जयपुर में जुड़े सबसे अधिक पात्र लाभार्थी
गोदारा ने बताया कि जयपुर जिले में सबसे अधिक 3.17 लाख वंचित पात्रों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा गया है। क्रमशः 3.07 एवं 3.04 लाख पात्र लाभार्थियों को एनएफएसए से जोड़कर बाड़मेर व सीकर दूसरे तथा तीसरे स्थान पर रहे।
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