डिप्टी सेक्ट्री धाकड़ ने प्रलोभन के फेर में दी थी क्लीनचिट

डिप्टी सेक्ट्री धाकड़ ने प्रलोभन के फेर में दी थी क्लीनचिट
भोपाल, दो कमेटियों की जांच रिपोर्ट, कार्यपरिषद के निर्णय और हाईकोर्ट के आदेश के बाद बरकतउल्ला विश्वविद्यालय कुलपति आरजे राव सम्राट अशोक टेक्नालाजी इंस्टीट्यूट (एसएटीआई) के संचालक जनार्दन सिंह चौहान की फर्जी डिग्री निरस्त नहीं कर रहे हैं। चौहान ने बीयू से एमटेक, पीएचडी व एमए की डिग्रियां करते समय इंदौर के डीएविवि से भी कुछ डिग्रियां ली हैं। ये आरोप आज एसएटीआई के पूर्व संचालक डॉ लोकेश बाजपेई और मैकेनिकल प्रोफेसर रहे संदीप जैन ने प्रेसवार्ता के  दौरान लगाए हैं। उन्होंने बताया कि यूजीसी ने बीयू को चौहान की डिग्रियों के जांच के आदेश दिए गए थे, जिसमें दो जांच रिपोर्ट में फर्जी डिग्री पाई गर्इं। हाईकोर्ट ने भी जांच रिपोर्ट को देखते हुए डिग्री निरस्त करने के आदेश दिए हैं। गत माह कार्यपरिषद की बैठक में भी चौहान की डिग्री निरस्त करने के निर्णय लिया है। इसके बाद भी बीयू कुलपति राव उनकी डिग्री निरस्त करने का नोटिफिकेशन जारी नहीं कर सके हैं। इसके चलते चौहान ने अपनी डिग्री की बहाली करने के लिए कुलपति राव पर दवाब बनाने के साथ प्रलोभन भी दिए हैं, जिसके तहत उन्होंने पुनर्विचार करने का आवेदन तक बीयू को सौंप दिया है। इसके पहले भी जांच के दौरान तकनीकी शिक्षा विभाग के डिप्टी सेके्रटरी एमआर धाकड़ भी उन्हें क्लीनचिट दे चुके हैं। यहां तक उन्होंने तत्कालीन मंत्री से नोटशीट पर अनुमोदन तक ले लिया था।