मुंबई, मुंबई के समता नगर में नौसेना के पूर्व अधिकारी मदन शर्मा की पिटाई के मामले में विवाद बढ़ता ही जा रहा है। एक ओर जहां पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने घटना को लेकर उद्धव सरकार पर हमला बोला है, वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी शनिवार को मदन शर्मा से बात की। रक्षा मंत्री ने कहा कि पूर्व सैनिकों पर इस तरह के हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं।
राजनाथ सिंह ने कहा, 'रिटायर्ड नौसेना अधिकारी मदन शर्मा से बात की और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। पूर्व सैनिकों पर इस तरह के हमले पूरी तरह से अस्वीकार्य और अपमानजनक हैं।' उन्होंने मदन शर्मा के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की। वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह बहुत ही गलत और स्टेट स्पॉन्सर्ड टेरर वाली स्थिति है। उन्होंने कहा, 'मैं अपने ट्वीट से उद्धव जी का ध्यान गुंडाराज की ओर खींचा है। 10 मिनट में 6 आरोपियों को छोड़ दिया गया।'
बेटी ने की राष्ट्रपति शासन लगाने की अपील
आपको बता दें कि मदन पर कथित तौर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से जुड़ा एक कार्टून शेयर करने पर हमला किया गया था। जिसके बाद उनकी बेटी शीला शर्मा ने शिवसेना को दोषी ठहराते हुए राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की अपील की थी। शीला का दावा था कि उनके पिता मदन शर्मा को एक मेसेज फॉरवर्ड करने के चलते धमकियां मिल रही थीं और फिर शिवसेना के कुछ लोगों ने उन पर हमला किया।
बीजेपी MLA ने भी शिवसेना को ठहराया जिम्मेदार
वहीं पीड़ित पूर्व अधिकारी ने कहा था, 'हमारे देश में हर किसी को अभिव्यक्ति की आजादी है, और वॉट्सऐप लोगों से कनेक्ट और सूचना शेयर करने का माध्यम है। सरकार को जहां से मेसेज बनाए जा रहे हैं, उस सोर्स की पहचान के लिए उपाय करने चाहिए।' बीजेपी विधायक अतुल भटखलकर ने भी नौसेना के पूर्व अधिकारी मदन शर्मा के साथ मारपीट के लिए शिवसेना को जिम्मेदार ठहराया था। मारपीट में मदन शर्मा के चेहरे और आंखों में गहरी चोटें आई हैं।
मुंबई में नौसेना के पूर्व अफसर से मारपीट के छह आरोपियों को जमानत मिलने के विरोध में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया. प्रदर्शन करने वालों में मारपीट का शिकार बने नौसेना के पूर्व अफसर मदन शर्मा की बेटी भी शामिल थीं. प्रदर्शन करने वाले बीजेपी कार्यकर्ता आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती अपराध के तहत मामला दर्ज करने की मांग कर रहे थे.
कांदीवली में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के कार्यालय के सामने प्रदर्शन करने पहुंची मदन शर्मा की बेटी शीला शर्मा ने कहा कि मैं महाराष्ट्र सरकार को कुछ नहीं कहना चाहती हूं. मुझे उन पर भरोसा नहीं है.
असल में, नौसेना के पूर्व अधिकारी मदन शर्मा से मारपीट मामले में अरेस्ट सभी आरोपियों को शनिवार दोपहर तक जमानत मिल गई है. सभी आरोपियों को 5 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत मिली है. कोरोना महामारी के दिशानिर्देशों को ध्यान में रखते हुए यह जमानत दी गई है. जमानत मिलने के खिलाफ खिलाफ गैर जमानती अपराध का मामला दर्ज करने की मांग करते हुए बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया.
बता दें कि मुंबई में नौसेना के पूर्व अफसर मदन शर्मा पर हमला मामले में 6 लोग गिरफ्तार किए गए थे. मदन शर्मा से मारपीट करने वालों में शिवसेना के कार्यकर्ता भी शामिल थे. मदन शर्मा का कहना था कि व्हाट्सएप पर एक कार्टून था जिसको शेयर करने से शिवसेना ग्रुप के लोगों को आपत्ति हुई थी. बात करने गए तो 10-15 लोग हमें मिलकर मारने लगे. मुझे कह रहे थे कि तुम आरएसएस, बीजेपी के आदमी हो.