शासकीय अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के चलते मरीज हो रहे परेशान

शासकीय अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के चलते मरीज हो रहे परेशान
awdhesh dandotia मुरैना/पोरसा। शासकीय अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के चलते मरीज परेशान होते है और महिला चिकित्सक भी नही है। पोरसा के शासकीय अस्पताल से क्षेत्र के लगभग 500 गांव के लगभग ढाई लाख लोग स्वास्थ सेवा लेने के लिये मात्र पोरसा का अस्पताल है जो कि 30 बिस्तर वाला अस्पताल है जहां डॉक्टरों की कमी चल रही है। म.प्र. स्वस्थ विभाग के स्वस्थ मंत्री रूस्तम सिंह ने 2005 में पांच स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की नियुक्ती का पत्र जारी किया था। जिसे 13 वर्ष पूर्ण हो चुके मगर डॉक्टर पोरसा अस्पताल में आज तक नही आये। ओपीडी की संख्या प्रतिदिन 400 से 500 तक है जहां मात्र एक डॉक्टर ही देखता है दिन की ड्यूटी एक डॉक्टर, रात्रि की ड्यूटी एक डॉक्टर करता है एवं शासकीय कार्य बीएमओ देखते है 8 डॉक्टरों की जगह मात्र 3 डॉक्टर है कैसे हो इलाज। पोरसा अस्पताल में महिला डॉक्टर की कमी के चलते कई बार डिलेवरियां भी रेफर मुरैना करनी पडती है। पोरसा अस्पताल का मालिक भगवान ही है। अस्पताल के लिये डॉक्टरों की व्यवस्था पूर्व विधायक कमलेश सुमन एवं सत्यप्रकाश सखवार नही कर पाये देखना ये है कि नवीन विधायक कमलेश जाटव क्या डॉक्टरों को ला पायेंगे? सांसद अनूप मिश्रा ने कभी भी ध्यान नही दिया जबकि पोरसा का सबसे बडा मुद्दा अस्पताल है। इस मुद्दे को दर किनार करने का खामियजा भुगतना पड सकता है। बीएमओ डॉ. पी.पी.शर्मा का कहना है कि स्टाफ सभी तरह का कम है स्टाफ की मांग का पत्र वरिष्ठ कार्यालय को लिखा जा चुका है। इनका कहना है - पोरसा अस्पताल में इलाज के लिये महिलाऐं परेशान होती है ऐसे में महिला चिकित्सक होना अनिवार्य है। श्रीमती लक्ष्मी गुप्ता