पार्षद और उसके समर्थकों ने की जमकर धक्का-मुक्की
विवाद के बाद कार मे बैठकर रवाना हो गए रामेश्वर शर्मा
सोशल मीडया पर दिनभर वायरल हुए वीडियो
भोपाल, पहले दी गाली, फिर ‘हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा नहीं निकम्मा है। हुजूर की जनता त्रस्त है, विधायक हमारा मस्त है। रामेश्वर शर्मा वापस जाओ-वापस जाओ ’ के लगे नारे। यह नजारा रविवार को उस समय सामने आया, जब राजधानी की हुजूर सीट से विधायक रामेश्वर शर्मा नगर निगम वार्ड 83 के अंतर्गत कोलार स्थित ग्राम सनखेड़ी में सड़क निर्माण के लिए भूमिपूजन करने पहुंचे। पार्षद निधि से स्वीकृत इस सड़क का भूमिपूजन पहले ही क्षेत्रीय पार्षद मनफूल श्यामसिंह मीना कर चुकी थीं। बावजूद इसके विधायक रामेश्वर शर्मा यहां भूमिपूजन करने पहुंच गए। उनके साथ सांसद आलोक संजर भी मौजूद थे। सलैया पहुंचने पर वहां पहले से मौजूद पार्षद मीना और उनके सैकड़ों समर्थकों ने विधायक द्वारा भूमिपूजन किए जाने का विरोध किया। सांसद ने पार्षद समर्थकों को समझाते हुए इसे सांसद निधि का कार्य बताने का प्रयास किया, लेकिन पार्षद ने कहा कि सांसद निधि पूरी हो गई। उन्होंने कहा कि विधायक रामेश्वर शर्मा वार्ड 83 के विकास कार्यों में लंबे समय से अड़ंगे लगा रहे हैं। यहां तक कि ननि के अधिकारियों को भी डरा-धमकाकर इस वार्ड के कामों को रोक दिया जाता है, जिससे क्षेत्र की जनता त्रस्त हो गई है। उधर रहवासियों ने भी विधायक की पक्षपातपूर्ण गतिविधियों और जनविरोधी नीतियों का विरोध करते हुए जमकर नारेबाजी की और कहा कि हमें ऐसा विधायक नहीं चाहिए, रामेश्वर शर्मा वापस जाओ। हालांकि लोग भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद के नारे भी लगा रहे थे।
सांसद करते रहे विधायक का बचाव
सांसद आलोक संजर ने मौके की नजाकत देखते हुए विधायक शर्मा का पक्ष लिया और विवाद को टालने का भरसक प्रयास भी किया, लेकिन जनता के आगे उनकी भी एक न चली। अंतत: सांसद के बीच में आते ही विधायक शर्मा धीरे से वहां से खिसक गए। मजेदार बात यह तो संयोग ही था कि मौके पर पुलिस मौजूद थी, वरना विवाद और बढ़ सकता था। हालांकि विवाद के दौरान विधायक समर्थकों और पार्षद समर्थकों ने एक-दूसरे के साथ जमकर गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की। विधायक-पार्षद विवाद की यह घटना सोशल मीडिया पर दिनभर चर्चा का विषय रही।
चंदा उगाही का काला चिट्ठा देंगे : पार्षद पति
इस पूरे घटनाक्रम के बाद भाजपा ने पार्षद पति श्याम मीणा को संगठन की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। इसके लिए विधायक शर्मा को जिम्मेदार ठहराते हुए मीणा ने कहा है कि वह विधायक शर्मा की चंदा उगाही का काला चिट्ठा शीध्र ही प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह को सौंपेगे। क्योंकि विधायक के कृत्य से न केवल पार्टी की छवि खराब हो रही है, बल्कि विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। उनका आरोप है कि विधायक द्वेषवश पिछड़ा वर्ग के महिला पार्षद को परेशान कर रहे हैं।