यूपी के रेत कारोबारी चरण यादव से हुई बातचीत के आॅडियो हुए वायरल
छतरपुर। भारत में नदियों को मां का दर्जा दिया जाता है, बुंदेलखंड की जीवनदायिनी कही जाने वाली केन नदी जिसे संपूर्ण बुंदेलखंड के लोग मां के रूप में पूजते है। उसी नदी मां के आचंल को बालू माफियाओं ने बड़ी-बड़ी पोकलैंड और जेसीबी मशीनों से तहस-नहस कर डाला है। केन नदी मां अपने आस्तित्व के संकट से जूझ रही है। इन अवैध रेत माफियों को सत्ताधारी दल के छतरपुर विधायक आलोक चतुवेर्दी का खुला संरक्षण प्राप्त है। यूपी के रेत कारोबारी चरण सिंह यादव और विधायक आलोक चतुवेर्दी के बीच हुई बातचीत के आॅडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही केन नदी के असली गुनेहगारों का चहरा लोगों के सामने आ गया तथा शहर भर में सनसनी फैल गई। जनमानस के बीच विधायक आलोक चतुवेर्दी की जमकर थू-थू उढ़ाई जा रही है। जनता ने इन्हें प्रकृति के संरक्षण के लिए विधायक चुना ताकि वह विधानसभा में यह नीतियां तय करेंगे जिससे प्रकृति का संरक्षण हो, परंतु वह तो प्रकृति के लूटेरों के संरक्षक बन बैठे है। इतना ही नहीं इस अवैध काले कारोबार का जिम्मा विधायक के पुत्र मिक्की उर्फ नीतिश चतुवेर्दी संभालते थे। विधायक आलोक चतुवेर्दी इस रेत के काले कारोबार को और बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री के करीबी मिगलानी से भी मुलाकात करने का भी हबाला दे रहे है।
विधायक और चरण सिंह के बीच हुई बातचीत के वायरल हुए आडिया के प्रमुख अंश-
विधायक- हेलो चरण
चरण सिंह- जी चाचा चरन स्पर्श
विधायक- जिस कंपनी का रेत का टेंडर हुआ है वह अपने पास अपने आप आएगा, चूंकी सरकार अपनी है, पुलिस अपनी है, प्रशासन अपना है जो करना होगा वह करेंगे।
चरण सिंह- चाचा अपन अपनी ताकत का सही फायदा नहीं उठा पा रहे है।
विधायक- क्या करें थोड़ा रूक जाओ, जे जा रहे चंड़ीगढ़ फिर हम मिगलानी जी के पास बैठ रहे है।
चरण सिंह- खेल लो चाचा अच्छा खेल लो अगर अपन सिंगल चले गये रामपुर में अकेले तो.., चाचा बहुत सारी बातें है जो आप से कह नहीं पा रहे है।
विधायक- क्या करें मंत्री में दम नहीं है।
चरण सिंह- मंत्री ऐसी तैसी कराए अपनी, एमपी और यूपी का रेत का सिस्टम अलग-अलग है। जे सब अच्छे में सब साथ है बुरये समय में सब भाग जाएगे।
विधायक- अभी स्थिति क्या है।
चरण सिंह- अभी स्थिति बहुत अच्छी है चाचा, अभी यूपी का एसओ सिर्फ 300 रुपये पर गाड़ी मांग रहा है और कह रहा है तुम्हें जितनी गाड़ी निकलना है उतनी गाडि?ां निकालो अब यहां पर विधायकों का कोई मतलब नहीं है। यूपी का खर्चा सिर्फ 300 रुपये है। पहले 5 हजार रुपये था।
विधायक- फिर क्यों नहीं काम कर रहे हो।
चरण सिंह- बहुत सारे लोगों ने रेट खराब कर रखे है, परसो करीब 563 गाडि?ों मेंं से सिर्फ अपनी सौ-सबा सौ गाडि?ां निकल रही है। दोनों की मिलाकर अपनी गाडि?ां कम निकल रही है। इसलिए अपनी मशीनों वाले भाग जाते है।
विधायक- इन सब को हटाया जा सकता है, मेरी एसपी से बात हो गई है लेकिन राजकुमार को दोबारा नहीं भेजा जा सकता।
चरण सिंह- फिर चाचा दिक्कत क्या हो रही है।
विधायक- हम एसपी से बात कर लेंगे फिर से लेकिन वह मानेंगे नहीं।
चरण सिंह- वहां पर काम सिर्फ एसओ ही करा सकता है और दूसरा कोई काम नहीं करा सकता है। किसी ऐसे की पोस्टिंग कराओ जो काम करा सके, चाचा एक बार मुझे मौका और दो हम और मिक्की भैया इस बार बहुत अच्छा कर लेगे।
विधायक- सवाल इस बात का है चरण भाई 60 करोड़ रुपये का व्यापार हुआ है और फायदा उस तरह से नहीं हुआ, 60 करोड़ की पूरी बदनामी हमारी हुई है। खर्चा बहुत ज्यादा डाला है 60 प्रतिशत खर्चा बहुत गलत आया है। हमने भी खनिज और बालू का काम किया है।
चरण सिंह- चाचा इस बार पूरा खर्चा मिक्की के हाथों दिया जाएगा हम और मिक्की ही देखेंगे। जो भी पर्चे गलत हुए है वह सभी खरे के पास मौजूद है दोबारा मिला लिये जाएगे। आप एक बार और ताकत लगाओ ।
विधायक- ठीक है हम देखते है।