प्रदेश में लक्जरी वाहनों पर अब देना होगा दुगना टैक्स

प्रदेश में लक्जरी वाहनों पर अब देना होगा दुगना टैक्स
भोपाल, प्रदेश में वाहन खरीदना अब महंगा हो गया है। राज्य सरकार ने बीस लाख रुपए से अधिक के लक्जरी वाहनों पर लगने वाला टैक्स दुगना कर दिया है।  डीजल वाहनों पर अब सोलह प्रतिशत और पेट्रोल वाहनों पर चौदह प्रतिशत टैक्स लगेगा। इसके लिए राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश मोटरयान कराधान संशोधन विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी। इसे विधानसभा में चर्चा के बाद पारित किया जाएगा तब यह लागू होगा। मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में  मोटरयान कराधान संशोधन विधेयक में अब वाहनों पर अब टैक्स की तीन श्रेणियां बनाई गई है। दस लाख रुपए से कम कीमत वाले डीजल वाहनों पर अब कर आठ से बढ़ाकर दस प्रतिशत किया जाएगा। एलपीजी वाहनों पर सात से बढ़ाकर आठ प्रतिशत और बैटरी चलित वाहनों पर कर की दर पांच से घटाकर चार प्रतिशत की गई है। इसी तरह दस से बीस लाख तक की कीमत वाले डीजल वाहनों पर कर नौ से बढ़ाकर 12 प्रतिशत किया गया है। एलपीजी वाहनों पर कर आठ से बढ़ाकर दस प्रतिशत और बैटरी चलित वाहनों पर कर की दर छह से घटाकर चार प्रतिशत की गई है। बीस लाख रुपए से अधिक कीमत के वाहनों की नई श्रेणी बनाई गई है। इसमें डीजल वाहनों पर कर की दर सोलह प्रतिशत और पेट्रोल वाहनों पर कर की दर चौदह प्रतिशत होगी। अभी तक वाहनों पर करारोपण और पैनाल्टी के मामलों में अपील की सुनवाई सौ प्रतिशत बकाया जमा करने के बाद होती थी अब पचास फीसदी राशि जमा कराकर सुनवाई हो सकेगी।अक्टूबर 2014 के पूर्व के वाहनों से भी अब आजीवन कर लेने की सुविधा दी जाएगी। तेरह सीटर और उससे कम क्षमता वाले स्कूल वाहनों को स्कूल बंद रहने के दौरान वाहनों के अन्य कार्यो में संचालन की छूट दी जाएगी। इसके लिए उन्हें साठ रुपए प्रति सीट प्रति दिन की दर से कर देना होगा। चेचिस पर  पहले सात प्रतिशत और बाडी पर पंजीयन कराने पर छह प्रतिशत कर था इसे एकसमान करते हुए मानक मूल्य का आठ प्रतिशत कर दिया गया है।जेसीबी, क्रेन का कर छह प्रतिशत से बढ़ाकर दसप्रतिशत किया गया है। पंद्रह साल पुराने वाहनों पर ग्रीन टैक्स पांच सौ से बढ़ाकर दो हजार और एक हजार से बढ़ाकर पांच हजार रुपए कर दिया गया है। इस साल पहली से आठवी तक पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के नि:शुल्क गणवेश के लिए छह सौ रुपए सीधे खाते मेंं दिए जाएंगे। अगले साल यह काम महिला स्वयंसेवी संस्थाओं को दिया जाएगा। उन्हें पुलिस और कोटवारों की वर्दी का काम भी देंगे। कैबिनेट समाप्त होंने के तत्काल बाद सिंधिया समर्थक तीन मंत्रियों ने मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के कक्ष में बैठकर लंबी मंत्रणा की। इस दौरान मंत्री गोविंद राजपूत और तुलसी सिलावट भी मौजूद रहे। थोड़ी देर बाद वहां मंत्री सचिव यादव भी पहुंच गए। हालाकि मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि यह हमारी आपसी चर्चा से ज्यादा कुछ नहीं है।