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नरसिंहपुर, शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि प्रधानमंत्री देश के राजा के समान होता है। उसके हर कर्म का असर देश पर पड़ता है। अगर राजा के कर्म अच्छे हैं तो प्रजा सुखी होती है और वहीं राजा के कर्म बुरे हैं तो जनता हमेशा परेशान रहती है।
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अमृतसर में हुए रेल हादसे के बाद स्वामी स्वरूपानंद ने कहा है कि जहां अपूज्यों की पूजा और पूज्यों का तिरस्कार होता है वहां ऐसे हादसे होते हैं। दशहरे के दिन प्रधानमंत्री राम मंदिर की जगह शिर्डी में एक मुस्लिम की पूजा करने गए थे। अगर वे इस दिन वहां जाकर पूजा नहीं करते तो शायद इतना बड़ा हादसा न होता। उन्होंने कहा कि मोदी को प्रधानमंत्री बने चार साल से ज्यादा का समय हो गया है। लेकिन वो एक बार भी अयोध्या नहीं गए। शकंराचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री हिंदुत्व के चेहरे के जरिए पद तक पहुंचे हैं। लेकिन पद पर पहुंचने के बाद उनका हिंदुत्व का चेहरा गायब हो गया। कभी गुजरात में टोपी पहनने से मना करने वाले मोदी अब कबीर की मजार पर जाकर चादर चढ़ा रहे हैं।
सरकार राम मंदिर नहीं बना सकती
उन्होंने कहा कि मोदी ने देश की जनता को वचन दिया था, उसको अपने कार्यकाल में अभी तक पूरा नही किया, इसलिए आगे उन पर कैसे विश्वास करके चलें। अयोध्या में राम मंदिर बनने के विश्वास पर लोगों ने भाजपा को वोट दिया था। लेकिन जनता का ये सपना अभी तक पूरा नहीं हुआ। कोई भी सरकार राम मंदिर नहीं बना सकती, क्योंकि शपथ लेते समय मंत्री धर्मनिरपेक्षता की शपथ लेते हैं। धर्म निरपेक्षता की शपथ लेने वाला राम मंदिर का निर्माण नहीं कर सकता। मोहन भागवत के राममंदिर मुद्दे पर अध्यादेश आने की बात पर शंकराचार्य ने कहा कि यह देश की जनता को गुमराह करने वाली बात की जा रही है।
संघ को सनातन वैदिक संस्कार का पता नहीं
शंकराचार्य ने आरएसएस के हिंदू एजेंडा पर सवाल उठाते हुए कहा कि संघ की शाखाओं में हिंदू संस्कार पढ़ाने की जरूरत है, क्योंकि संघ के शीर्ष नेतृत्व से जिस तरह की बयानबाजी होती है, उससे यह लगता है कि संघ को सनातन वैदिक संस्कार जो हिंदू धर्म कहलाते हैं, इसका उसको पता ही नहीं है। संघ हिंदुत्व को लेकर देश में भ्रम फैलाने का कार्य कर रहा है, इसलिए संघ के पदाधिकारियों को हिंदू संस्कारों को जानने की आवश्यकता है। शंकराचार्य ने कहा कि संघ को यही पता नहीं है कि सांई परमात्मा हैं या राम परमात्मा हैं। दोनों तो परमात्मा हो नहीं सकते।