मोस्ट वांटेड गैंगस्टर विक्रम उर्फ पपला गुर्जर बना पुलिस के लिए सरदर्द

मोस्ट वांटेड गैंगस्टर विक्रम उर्फ पपला गुर्जर बना पुलिस के लिए सरदर्द

राजस्थान और हरियाणा पुलिस मिलकर भी एक बदमाश का नेटवर्क नहीं भेद पाई

नई दिल्ली, मोस्ट वांटेड गैंगस्टर विक्रम उर्फ पपला गुर्जर का आपराधिक नेटवर्क राजस्थान और हरियाणा पुलिस के लिए सरदर्द बना हुआ है। लेकिन दोनों राज्यों की पुलिस मिलकर भी एक बदमाश का नेटवर्क नहीं भेद पाई हैं। इस पूरे मामले में पुलिस से लेकर राजनीतिक गठजोड़ भी सामने आ सकता है। पिछले तीन साल से इस गैंग ने दोनों राज्यों की पुलिस के नाक में दम कर रखा है। बता दें कि, एक ही परिवार के 4 लोगों की हत्या का आरोपी हरियाणा के महेन्द्रगढ़ जिले के गांव खैरौली का रहने वाला पपला गुर्जर अगस्त-2017 में पुलिस पर फायरिंग कर महेन्द्रगढ़ कोर्ट से फरार हुआ था। इसके बाद से हरियाणा पुलिस गैंगस्टर पपला की तलाश कर रही है। 5 सितम्बर 2019 की रात पपला अलवर के बहरोड़ पुलिस के हत्थे चढ़ा, लेकिन अगले ही दिन सुबह बहरोड़ थाने में एके-47 और एके-56 जैसे आधुनिक हथियारों से गोलियां बरसाकर साथी बदमाश पपला को लॉकअप से निकाल ले गए। जिसके बाद पुलिस के साथ सरकार की भी काफी किरकिरी हुई। इस मामले में राजस्थान पुलिस पपला गिरोह के दो दर्जन से ज्यादा बदमाशों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन पपला हर बार पुलिस के पहुंचने से पहले ठिकाना छोड़कर फरार हो जाता है। विक्रम उर्फ पपला गुर्जर हरियाणा का कुख्यात गैंगस्टर है, लेकिन राजस्थान में भी पपला का आपराधिक नेटवर्क कम नहीं है। राजस्थान के अलवर, भरतपुर, धौलपुर, सीकर, झुंझुनूं और नागौर जिलों में कई स्थानीय बदमाश पपला के गिरोह में शामिल हैं। हालही में पपला के एक गुर्गे को भरतपुर पुलिस ने दबोचा है। कानपुर वाले विकास का एनकाउंटर के बाद राजस्थान और हरियाणा पुलिस पर दवाब भी है और काफी फजीहत भी हो रही है। सिर्फ सात दिन में ही गैंगस्टर विकास को एनकाउंटर में मार गिराया गया, लेकिन पपला गुर्जर को राजस्थान पुलिस साढ़े नौ माह में गिरफ्तार तक नहीं कर पाई है। ऐसे में राजस्थान पुलिस के लिए पपला गुर्जर को जल्द से जल्द गिरफ्तार करना बड़ी चुनौती बना हुआ है।