NHA के आदेश पर अब दस बिस्तरों वाले नर्सिंग होम भी आयुष्मान योजना में इम्पैनल

NHA के आदेश पर अब दस बिस्तरों वाले नर्सिंग होम भी आयुष्मान योजना में इम्पैनल

भोपाल
कोरोना संकटकाल में सरकार ने कोरोना वायरस के अलावा दूसरी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के इलाज के लिए सरकार ने बड़ी राहत दी है। नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (एनएचए) के आदेश पर आयुष्मान भारत निरामयम सोसाइटी ने हॉस्पिटल इम्पैनलमेंट की प्रक्रिया में ढील दी है। अब तीन महीने के लिए एनएबीएच सर्टिफिकेशन की बाध्यता में फिलहाल तीन महीनों की ढील दी गई है। अब दस बिस्तरों वाले नर्सिंग होम भी तीन महीनों के लिए आयुष्मान योजना में इम्पैनल हो सकेंगे।

आयुष्मान भारत योजना में 1400 प्रकार की बीमारियों के लिए पैकेज चिन्हित किए गए हैं। इसमें लगभग 249 प्रकार के पैकेज सरकारी अस्पतालों के लिए रिजर्व थे। कोरोना संकटकाल में तीन महीनों के लिए इसमें भी छूट देकर गवर्नमेंट रिजर्व पैकेज को भी ओपन फॉर आॅल कर दिया गया है। अब निजी अस्पतालों की विशेषज्ञता के आधार पर इलाज मिल सकेगा।

निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना से इलाज में गड़बड़ी को रोकने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर्स की एक समिति स्टेट हेल्थ एजेंसी ने बनाई है। ये समिति अस्पतालों के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों पर त्वरित जांच कर कार्रवाई करेंगी।

आयुष्मान भारत योजना से जुडे अधिकारी बताते हैं कि देश भर में मरीजों की परेशानियों को देखते हुए केन्द्र सरकार ने आयुष्मान योजना के नियमों को शिथिल किया है। ताकि निजी अस्पतालों में मरीजों को बिना पैसे खर्च किए इलाज मिल सके। प्रदेश में इस व्यवस्था में बदलाव होने के बाद अब तक 39 अस्पताल/नर्सिंग होम जुड चुके हैं। महीने भर में दो सौ से ज्यादा अस्पताल जुड जाएंगे। इस व्यवस्था से कोरोना संकट काल में मरीजों को निजी अस्पतालों में आसानी से इलाज मिल सकेगा।