चुनाव आयोग से शिकायत, रक्षा विभाग की जमीन की खरीद और कब्जे के मामले में उलझ सकते हैं मंत्री
भोपाल, शिवराज सरकार में खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह रक्षा विभाग की जमीन की खरीद और कब्जे के मामले में उलझ सकते हैं। इस मामले में पन्ना राजघराने की महारानी जीतेश्वरी देवी ने उनके विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है और चुनाव आयोग से शिकायत कर उनका चुनाव निरस्त करने की मांग की है। सिंह पर आरोप है कि चुनाव के समय नामांकन फार्म में उन्होंने रक्षा विभाग की जमीन पर कब्जा और उसका विवाद कोर्ट में चलने की जानकारी छिपाई है।
इधर यह बात भी सामने आई है कि जमीन रक्षा विभाग के अधीन की हुई तो पन्ना जिला की हजारों एकड़ जमीन प्रभावित होगी। उन्होंने यह आरोप भी लगाया है कि मंत्री सिंह रेत ठेकेदार से साठगांठ कर प्राकृतिक संपदा का शोषण कर रहे हैं और इस मामले में भी ग्रीन ट्रिब्यूनल ने जिला प्रशासन को नोटिस जारी किया है।
हालांकि मंत्री ने सरकार की ओर से जवाब दिया है कि जमीन उनके स्वामित्व की है, जो रजिस्ट्री के माध्यम से ली गई है। मेरे स्वामित्व की जमीन पर मेरा कब्जा है। अन्य भूमि के संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है।
पन्ना के बकचूर गांव में खसरा नम्बर 7 व 9 की जमीन पन्ना राजघराने ने रक्षा विभाग को 1949 में दी थी। इस पर मंत्री बृजेंद्र प्रताप का अवैध कब्जा है। इसका केस पन्ना अनुविभागीय अधिकारी न्यायालय में चल रहा है। सितंबर 2018 में इसकी शिकायत की गई थी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। सिंह ने चुनाव आयोग से कोर्ट में केस चलने की जानकारी भी छिपाई है।
महारानी जीतेश्वरी देवी के अनुसार 24 अप्रैल 1949 को दान पत्र के माध्यम से पन्ना समेत 18 स्थान पन्ना नगर, मंडला, सकरिया, लक्ष्मीपुर, पिपरवाह बकचूर, राजनगर, जनवार, नारंगी बाग, दहलान ताल, झलाई, कुंजवन, दुबे ताल, केरवन, पवई, अजयगढ़ समेत अन्य जगहों समेत हजारों एकड़ जमीन भारत सरकार को सैन्य प्रयोजन के लिए दान की गई थी। रक्षा मंत्रालय क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर ने 11 जनवरी 2018 को पन्ना तहसील, पन्ना कलेक्टर सहित राज्य सरकार को जमीन का नामांतरण रक्षा विभाग के नाम पर करने के लिए पत्र लिखा था। उन्होंने कहा कि इस मामले में वे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक शिकायत करेंगी।