प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने और विकास की पटरी पर लाने की कोशिश
भोपाल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मप्र को लीडर बनाने का रोडमैप जल्द बनाएंगे। इसमें वित्तीय व्यवस्था के साथ व्यवहारिक सुझावों का पालन किया जाएगा। नीति आयोग के निर्देश के आधार पर इसके बिंदु चर्चा के लिए तय किए गए हैं, इसमें लोक सेवा प्रबंधन और सुशासन संस्थान द्वारा तय चेकलिस्ट पर वेबिनार के जरिए चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आज अस्पताल से आज चार अपर मुख्य सचिवों की कमेटी से वेबिनार के जरिये मंथन किया। इस अभियान के माध्यम से ऐसे प्रोजेक्ट लागू किए जाएंगे जिससे लोगों की आमदनी भी हो और उसके लिए बाहर से किसी की मदद न लेना पड़े। मसलन किसानों को उनकी निजी भूमि पर पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जाएग। किसानों द्वारा उनके खेतों में लगाए गए सागौन आदि के पेड़ों को काटने के लिए सरल प्रक्रिया बनाई जाएगी।
आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप को लेकर आज अफसरों और एक्सपर्ट्स के साथ मंथन के बाद वेबिनार के जरिये अलग-अलग सेक्टर के विशेषज्ञों को सीएम चौहान से संवाद के लिए जोड़ने का काम किया जाएगा। चार अफसरों की कमेटी में एसीएस मो. सुलेमान, आईसीपी केशरी, राजेश राजौरा और एसएन मिश्रा शामिल हैं। इनके द्वारा अब तक की अपडेट रिपोर्ट से सीएम को अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री ने अस्पताल से ही इस वेबिनार में शामिल होकर 15 अगस्त तक तैयार होने वाले रोडमैप के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने तय किया है कि इसके लिए फिर आमजन से भी सुझाव मांगेंगे। इसलिए आने वाले दिनों में इस पर भी अधिकारी फोकस कर सीएम को रिपोर्ट देंगे। वेबिनार में नीति आयोग के सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा ताकि प्रदेश में आत्मनिर्भरता के लिए मिलने वाले सुझावों के आधार पर नीति निर्धारण करने में मदद मिल सके। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, अर्थव्यवस्था, रोजगार, भौतिक अधोसंरचना, सुशासन जैसे विषयों पर फोकस कर सुझाव लिए जाने का फैसला किया गया है। इसमें शामिल होने वाले एक्सपर्ट्स से चर्चा के लिए सीएम के निर्देश पर चार अलग-अलग तिथियां भी तय की गई हैं। सात अगस्त, आठ, दस और 11 अगस्त को भी इस पर चर्चा की जाएगी। इन सुझावों के आधार पर ही आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा।
इस प्लान के अंतर्गत एक जिला-एक पहचान के तहत प्रत्येक जिले के लिए एक उत्पाद की पहचान की जाकर उसे विश्वस्तर पर पहचान दिलाना है। स्व-सहायता समूहों, कुटीर उद्योगों एवं एमएसएमई द्वारा उत्पादित सामान को ई-कामर्स के माध्यम से जोड़ने, प्रदेश के नेचुरल रिसोर्सेस पर आधारित आजीविका को बढ़ावा देने, अधिक रोजगार प्रदाय करने वाले उद्योगों जैसे गारमेंट, खाद्य प्रसंस्करण आदि को बढ़ावा देने, वन नेशन वन मार्केट की अवधारणा की दिशा में कार्य करने पर फोकस होगा।
साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं में इलाज के साथ ही रोकथाम की दिशा में प्रभावी कार्य हो और एक ऐसे पोर्टल का निर्माण किया जाए, जिसमें मध्यप्रदेश के समस्त विभागों के स्टेंडिंग सर्कुलर्स को अपलोड किया जाए। इसके अलावा अन्य विभागों से संबंधित आत्मनिर्भरता वाले प्लान पर विचार कमेटी कर रही है।
सीएम चौहान ने आत्मनिर्भर एमपी के लिए इनोवेशन चैलेंज पोर्टल के जरिये भी सुझाव, नए विचार और उपाय के साथ नवीन योजनाओं और नवीन तकनीक से जुड़े पहलुओं की जानकारी मांगी थी। इस पोर्टल के माध्यम से वर्तमान शासकीय प्रणाली में आम लोगों के कल्याण की दृष्टि से क्या परिवर्तन आवश्यक हैं, इस संबंध में भी सुझाव लिए गए हैं। इन सुझावों के परीक्षण के बाद चयनित सुझावों पर अमल की कार्यवाही की जाएगी। इसके तहत उन क्षेत्रों की पहचान की जा रही है, जिनमें मध्य प्रदेश लीडर की तरह उभर सकता है। प्रदेश के हर जिले की एक खासियत की पहचान कर उसे विकसित किया जाना है ताकि विश्व स्तर पर पहचान बने।