कांग्रेस में मप्र से लेकर दिल्ली तक रार, मुकुल वासनिक के सामने हुई जूतम पैजार

कांग्रेस में मप्र से लेकर दिल्ली तक रार, मुकुल वासनिक के सामने हुई जूतम पैजार

सुखेन्द्र सिंह बन्ना और सिद्धार्थ तिवारी आपस मे भिड़े

भोपाल। कांग्रेस की कलह थमने का नहीं ले रही है। मप्र से लेकर दिल्ली तक पार्टी के नाराज हैं। पहले मप्र कांग्रेस के प्रभारी रहे दीपक बाबरिया के सामने रीवा में मारपीट और उनसे भी हाथापाई।

जूतम-पैजार

अब नगर निकाय चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी मुकुल वासनिक के सामने भी मारपीट हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना और सिद्धार्थ तिवारी गुट में जूतम-पैजार हो गई।

पढ़ा रहे थे जीत का पाठ

दरअसल, शनिवार को मुकुल रीवा पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई। वासनिक ने जैसे ही कार्यकर्ताओं को जीत का पाठ पढ़ाना शुरू किया वैसे ही दावेदारों की भीड़ लग गई और आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया। इसी दौरान बन्ना और तिवारी समर्थकों के बीच जमकर तूतू-मैंमैं होने लगी।

जिला स्तर पर बनेगी समिति

गौरतलब है कि वासनिक को निकाय चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर सागर पहुंचे थे । इस दौरान उनके साथ सागर के प्रभारी पूर्व मंत्री पीसी शर्मा भी थे। उन्होंने सागर संभाग के पदाधिकारियों की बैठक ली थी। वासनिक ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने यह तय किया है कि जिला स्तर पर ही एक समिति बनेगी। प्रत्याशियों के चयन करने का काम उस समिति को ही करना है। जिला समिति की अनुशंसा पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अंतिम फैसला लेगी।

सियासी सरगर्मी बढ़ी

गौरतलब है कि मप्र में लंबे समय से अटके नगरीय चुनाव को लेकर सरगर्मियां बढ़ गई हैं। प्रदेश के 16 नगर निगम के महापौर सीट, 99 नगर पालिका और 292 नगर परिषदों के अध्यक्ष पद के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। विधानसभा उपचुनाव की जंग जीतने के बाद बीजेपी के हौसले बुलंद हैं। लेकिन, कांग्रेस ने भी निकाय चुनाव जीतने की कोशिशें तेज कर दी हैं।

चुनावी गणित

16 नगर निगमों की आधी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित कर दी गई हैं। इंदौर और जबलपुर में महापौर का पद अनारक्षित होगा। यहां कोई भी चुनाव लड़ सकता है। भोपाल और खंडवा पिछड़े वर्ग की महिला, मुरैना एससी समुदाय की महिला और सागर, बुरहानपुर, ग्वालियर, देवास और कटनी में महापौर पद सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित किए गए हैं।