यूपी के स्कूलों में अब बच्चे सीखेंगे बजट बनाना और कारोबार करना, 2 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा प्रशिक्षण
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के स्कूलों में विद्यार्थियों को अब तकनीकी शिक्षा के साथ पैसों का सही इस्तेमाल, बचत, बजट बनाने और कारोबार शुरू करने की जानकारी भी दी जाएगी। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत वित्तीय साक्षरता और उद्यमिता विकास के दो नए मॉड्यूल शुरू किए हैं। इस पहल के जरिए प्रदेश के 515 विद्यालयों के करीब दो लाख विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस कार्यक्रम के लिए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSE) और केंद्रीय उद्यमिता मंत्रालय के अधीन नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड स्मॉल बिजनेस डेवलपमेंट (NIESBUD) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके तहत एनएसई विद्यार्थियों को वित्तीय साक्षरता और निस्बड उद्यमिता विकास का प्रशिक्षण देगा। दोनों नए मॉड्यूल दो-दो घंटे के हैं। इन्हें प्रदेशभर में लागू किया गया है, ताकि स्कूली स्तर पर ही विद्यार्थियों को आर्थिक समझ और स्वरोजगार से जुड़ी बुनियादी जानकारी मिल सके।
विद्यार्थियों को सिखाया जाएगा पैसों का सही प्रबंधन
प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राओं को रोजमर्रा की जिंदगी में पैसों का प्रबंधन करना सिखाया जाएगा। एनएसई के वित्तीय साक्षरता मॉड्यूल में विद्यार्थियों को जरूरत और इच्छा के बीच अंतर समझने, आय-व्यय का हिसाब रखने और बजट बनाने की जानकारी दी जाएगी। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों में बचत की आदत विकसित करना और उन्हें आर्थिक फैसले लेने के लिए जागरूक बनाना है। इसके साथ ही सुरक्षित निवेश से जुड़े बुनियादी पहलुओं की जानकारी भी दी जाएगी, ताकि वे भविष्य में पैसों के इस्तेमाल को लेकर बेहतर निर्णय ले सकें।
कारोबार शुरू करने के तरीके भी जानेंगे छात्र
उद्यमिता विकास के मॉड्यूल के तहत विद्यार्थियों को अपना व्यवसाय शुरू करने की बुनियादी जानकारी मिलेगी। निस्बड की ओर से दिए जाने वाले प्रशिक्षण में नए कारोबारी विचारों की पहचान, ग्राहकों की जरूरतों को समझने और उपलब्ध संसाधनों का सही इस्तेमाल करने के तरीके बताए जाएंगे। इसके अलावा विद्यार्थियों को कारोबार की योजना तैयार करने और स्वरोजगार की संभावनाओं को समझने में मदद मिलेगी। इससे पढ़ाई के दौरान ही उनमें उद्यमशीलता की सोच विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
515 विद्यालयों में लागू होगा प्रशिक्षण कार्यक्रम
प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के साथ अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों, सर्वोदय विद्यालयों और श्रमिकों के बच्चों के लिए संचालित अटल आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। योजना के तहत पहले से ही विद्यार्थियों को तकनीकी और व्यावहारिक कौशल से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें 180 घंटे का तकनीकी ट्रेड प्रशिक्षण, 30 घंटे का सॉफ्ट स्किल्स प्रशिक्षण और चार घंटे का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एवं डिजिटल कौशल प्रशिक्षण शामिल है। अब वित्तीय साक्षरता और उद्यमिता के नए मॉड्यूल जुड़ने से विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ आर्थिक प्रबंधन और कारोबार की बुनियादी समझ भी मिलेगी।
सभी प्रशिक्षण प्रदाताओं को जारी किए गए निर्देश
मिशन निदेशक पुलकित खरे के अनुसार, दोनों नए मॉड्यूल की अध्ययन सामग्री और प्रशिक्षण की रूपरेखा सभी प्रशिक्षण प्रदाताओं को भेज दी गई है। स्कूलों में इनकी कक्षाएं अनिवार्य रूप से संचालित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। इस पहल के जरिए विद्यार्थियों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने और उन्हें नौकरी के साथ स्वरोजगार के विकल्पों के प्रति जागरूक बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
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