उत्तर प्रदेश में टूटे रिकॉर्ड, 120 लोगों ने कोरोना वायरस से गंवाई जान

कानपुर
यूपी की राजधानी लखनऊ में हालात खराब हैं. कोरोना वायरस की महामारी से आलम यह है कि अस्पतालों में बेड्स और ऑक्सीजन के लिए मारा-मारी है. लखनऊ में गुरुवार को कोरोना के 5177 नए मामले सामने आए थे. इसी अवधि में 26 लोगों की मौत हो गई थी. लखनऊ में 35 हजार से अधिक एक्टिव केस हैं. इस बीमारी के कारण अब तक 1400 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है.
लखनऊ के साथ ही प्रदेश में कोरोना के कारण बिगड़ते हालात के बीच यूपी सरकार ने मास्क को लेकर सख्ती के साथ ही अब एक और बड़ा फैसला लिया है. यूपी में अस्पताल अब बिना टेंडर के दवाएं और अन्य उपकरण खरीद सकते हैं. कोरोना के कारण बने हालात को देखते हुए सरकार ने यह फैसला किया है. यह आदेश अगले तीन महीने तक वैध रहेगा.
ग्रेटर नोएडा वेस्ट फ़्लैट बायर्स की संस्था नेफोमा के अध्यक्ष अन्नू खान ने गौतम बुद्ध नगर के जिलाधिकारी सुहास एल वाई को पत्र लिखकर मांग की है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में कोरोना कोविड का कोई भी हॉस्पिटल नहीं है. बिसरख सरकारी अस्पताल है जिसमें सिर्फ जांच होती है और एक प्राइवेट हॉस्पिटल यथार्थ है. बीमार होने पर अन्य हॉस्पिटल नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली जाना पड़ता है. जिससे सोसाइटी निवासियों को बहुत दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. ग्रेटर नोएडा वेस्ट में लगभग छोटी बड़ी लगभग 80 सोसाइटियां हैं. जिसमें लाखों लोग निवास करते हैं.
पत्र में नेफोमा ने मांग की है सोसायटी के क्लब, स्टेडियम, कम्युनिटी हॉल को स्थाई रूप से कोरोना हॉस्पिटल में कन्वर्ट कर देना चाहिए. जिससे कोरोना के अचानक बढ़ रहे मरीजों की संख्या से परेशानी नहीं होगी. सोसाइटी निवासियों को इलाज मिल जाएगा और जल्दी ठीक हो जाएंगे, कोरोना की चेन भी टूटेगी.
नेफोमा अध्यक्ष अन्नू खान ने बताया कोरोना कोविड बीमारी से लड़ने के लिए नेफोमा संस्था के सभी वोलेंटियर्स पिछली बार की तरह इस बार भी तैयार हैं जो सोसाइटी निवासियों व झुग्गी झोपड़ी में रहने वालों की मदद के लिए तत्परता से तैयार रहेंगे.
मोहनलालगंज लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी के सांसद कौशल किशोर ने ट्वीट कर कहा है कि लखनऊ में करोना के मरीजों की मदद करने के लिए जिन अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है, उनमें से अधिकांश लोगों का फोन बंद बता रहा है. लखनऊ में करोना का कहर बढ़ता जा रहा है और लोगों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं. बीजेपी सांसद ने कहा है कि बहुत से मरीज एडमिट नहीं हो पा रहे हैं. उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से फोन बंद करने की बजाय पीड़ितों की बात सुनने, उनको सुविधआ मुहैया कराने और अस्पताल में भर्ती कराने की अपील की है.
गौरतलब है कि लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश खुद भी कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और उनके मंत्री भी कोरोना की चपेट में हैं. यूपी में कोरोना के कारण हालात खराब हैं. पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में 27 हजार से ज्यादा नए केस सामने आए हैं.