गुरु पूर्णिमा के दिन छात्र ने की गुरु की रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल

गुरु पूर्णिमा के दिन छात्र ने की गुरु की रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल

बल्देवगढ़
जहां जिला कलेक्टर  सौरभ  सुमन द्वारा जिला में शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं यहां तक की जिले के तमाम स्कूलों में स्वयं जा कर निरीक्षण भी कर रहे हैं पर कुछ प्रधानाध्यापक व शिक्षकों के भ्रष्ट प्रणाली और मनमानी उसूलों को देखते हुए कलेक्टर के प्रयास पर पानी फेरा जा रहा है जबकि शासन द्वारा माध्यमिक स्तर तक के स्कूलों में किसी भी प्रकार की फीस का प्रावधान नहीं रखा गया है और जबकि शिक्षा स्तर बढ़ाने के लिए तमाम योजनाएं चलाकर बच्चों को प्रभावित किया जा रहा है जैसी कि मध्यान्ह भोजन साइकिल वितरण ड्रेस व्यवस्था स्कॉलरशिप और तमाम प्रकार की सरकारी योजनाओं जो छात्र छात्राओं को आमंत्रित करें और शिक्षा स्तर उच्च शिक्षा में बढ़ोतरी हो पर कुछ सरकारी शिक्षकों के द्वारा इन सभी योजनाओं की आवाज में ठगे जा रहे हैं छात्रों से रुपए  हम बात कर रहे हैं बल्देवगढ़  विकासखंड अंतर्गत बल्देवगढ़ पुरानी बस्ती वार्ड नंबर 2 में स्थित माध्यमिक शाला स्कूल की जहां पर प्रधान अध्यापक के रूप में डीके गुप्ता द्वारा छात्रों से टीसी और अंकसूची के एवज में लिए जा रहे हैं 500 और 1000 रुपए जिसको लेकर गुरु पूर्णिमा के दिन छात्र ने की गुरु की रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल जिसमें साफ साफ दिख रहा है कि शिक्षक डीके गुप्ता एक महिला से टीसी और अंकसूची के एवज में 100 100 की दो नोट ले रहा है।

हद तो तब हो गई जब  छात्र संदीप आदिवासी छात्र से प्रधानाध्यापक डीके गुप्ता ने आठवीं की अंकसूची और टीसी के एवज में मांग लिए ?500 और उस छात्र के परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो जाने के कारण वह ?500 देने में सक्षम नहीं हुआ तो ना तो टीसी दी और ना मार्कशीट जिसके चलते उस छात्र ने स्कूल के कई दिनों तक चक्कर काटता रहा  और आखिरकार थक कर अपने पिता के साथ मजदूरी करने का ठान लिया और पढ़ाई छोड़ कर अपने पिता सुंदर आदिवासी के साथ मजदूरी करने के लिए दिल्ली  के लिये रवाना हो गया अब किस हद तक बढ़ेगा शिक्षा का स्तर जिला कलेक्टर के काफी प्रयास करने के बावजूद भी  शिक्षा स्तर  बढ़ाने की योजनाओं पर फेरा जा रहा है पानी पर कुछ चुनिंदा शिक्षकों के वजह से शिक्षा का स्तर निम्न होता जा रहा है और छात्र-छात्राएं तो पढ़ने से भी डरते हैं  छात्र संदीप की मां ने बताया की मेरा लड़का संदीप पढ़ने में काफी होशियार था और हम लोगों की काफी आर्थिक स्थिति खराब है मेरा बेटा आठवीं में पास हो गया था और नवमी में नाम जुड़वाने के लिए अपने पिता से रोज बोलता था जिसके लिए संदीप बल्देवगढ़ जाकर स्कूल में टीसी और अंकसूची के लिए शिक्षक डीके गुप्ता से मांगी तो डीके गुप्ता द्वारा उसे तीन-चार दिन तक तो परेशान किया गया और आखिरकार ?500 की रिश्वत मांगी जिसमें लड़के ने घर पर आकर ?500 की मांग की पिता सुंदर आदिवासी ने बच्चे से मना कर दिया कि मेरे पास पैसे नहीं है और संदीप स्कूल जाकर शिक्षक से बोला कि मेरे पिता के पास पैसे नहीं है।

आप टीसी और अंकसूची दे दीजिए तो डी के गुप्ता द्वारा साफ साफ मना कर कर उसे स्कूल से भगा दिया जिसके बाद संदीप ने अपने पिता के साथ दिल्ली जाने की ठान ली और अधर में ही पढ़ाई छोड़कर अब दिल्ली पिता सुंदर आदिवासी के साथ मजदूर करने के लिए चला गया   पूर्व में भी कई मामले सितंबर 2015 में डीके गुप्ता के द्वारा छात्र आसाराम रैकवार के साथ में बहुत बेरहमी से मारपीट की गई थी छात्र का था सिर्फ इतना दोष था की शिक्षक ने कहा कि विद्यालय में झाड़ू लगाओ और छात्र ने मना किया तो लाठियों से बेरहमी से पीटा जिसमें छात्र के पिता अनंदी रैकवार बीईओ और बीआरसीसी के पास संबंधित शिकायत की और वहीं समाजसेवी की मदद ली जिसमें समाजसेवी को ने  तत्कालीन कमिश्नर आरके माथुर  के पास इसकी शिकायत की कमिश्नर सागर से एक जांच दल भेजा जिसमें जांच दल ने स्पष्ट किया था कि डीके गुप्ता द्वारा छात्र के साथ बेरहमी से मारपीट की गई है जिस कारण से छात्र ने विद्यालय में भी आना जाना बंद कर दिया और वही सांठगांठ के चलते यह जांच अधर में ही लटक गई और कई मामले बीआरसीसी के पास लिखित और मौखिक रूप से डीके गुप्ता के पहुंचे कि साइकिल वितरण के एवज में  और ड्रेस वितरण की एवज में पैसों की मांग की जाती है  इस संबंध में कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन का कहना है कि मुझे आपके द्वारा ही संबंध की जानकारी लगी है अगर आपके पास वीडियो आॅडियो या कोई भी दस्तावेज है।

शिक्षक द्वारा छात्रों से यह छात्रों के अभिभावकों से पैसे लिए जा रहे हैं तो मेरे पास में भेजिए  और मैं तत्काल ही शिक्षकों पर संबंधित कार्रवाई करूंगा  शिक्षा मंत्री डॉ प्रभु राम चौधरी का कहना है कि मैंने संबंधित वीडियो देखी है जिसमें स्पष्ट दिख रहा है कि एक शिक्षक महिला से पैसे ले रहा है तो मैंने तत्काल ही शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध की जानकारी दी है और जल्द से जल्द कार्रवाई होगी और संबंधित अन्य दस्तावेज और लिखित शिकायत भी मेरे पास भेजिए  बीआरसीसी आर एल पाराशर का कहना है मध्यप्रदेश शासन द्वारा आठवीं तक की पढ़ाई में किसी भी प्रकार की कोई राशि छात्रों से नहीं ली जाती है और अगर कोई शिक्षक छात्रों से किसी भी कार्य के एवज में पैसे लेता है यह पूर्णता गलत है इसके ऊपर वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए।