ट्रेन में तत्काल टिकट बुक करने के 11 नियम, यात्रा के दौरान नहीं रहेगी कोई टेंशन
भारतीय रेलवे अपने यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए लगातार कदम उठाता रहता है. हाल ही में रेलवे ने तत्काल आरक्षण सुविधा को और बेहतर बनाया है. यह सुविधा भी रेलवे उन यात्रियों के लिए लेकर आया था, जिन्हें किसी कारणवश अचानक यात्रा के लिए मजबूर होना पड़ता है. बाद में यात्रियों ने इसका भी प्रयोग आम सुविधा के तौर पर शुरू कर दिया. इस सुविधा को लेकर रेलवे ने कई बार बदलाव किए. यह सब लोगों की शिकायतों और रेलवे में आरक्षण प्रक्रिया में आए दलालों को दूर करने के लिए उठाए गए कदम रहे. आइए जानें तत्काल टिकट बुकिंग के बारे में काम की बातें...
(1) एसी क्लास की टिकटों की तत्काल बुकिंग यात्रा तारीख से एक दिन पहले सुबह 10 बजे से होती है. नॉन-एसी टिकटों की बुकिंग इसके एक घंटे बाद यानी 11 बजे से शुरू होती है.
(2) बुकिंग शुरू होने के आधे घंटे तक अधिकृत एजेंट तत्काल टिकट नहीं बुक कर सकते हैं.
(3) सिंगल यूजर आईडी से एक दिन में सिर्फ 2 तत्काल टिकट बुक किए जा सकते हैं. एक आईपी अड्रेस से भी अधिकतम 2 तत्काल टिकट बुक हो सकते हैं. (ये भी पढ़ें-ट्रेन टिकट बेचकर कर सकते हैं कमाई, होगा अच्छी इनकम)
(4) आपने टिकट बुकिंग कैंसल की तो आप रिफंड के हकदार नहीं होंगे. जबकि, सामान्य टिकट में आपको रिफंड की सुविधा मिलती है. नए नियमों के तहत कुछ शर्तों के साथ तत्काल टिकट पर 100 फीसदी तक रिफंड ले सकते हैं. ट्रेन के शुरुआती स्टेशन पर 2 घंटे लेट होने, रूट बदलने, बोर्डिंग स्टेशन से ट्रेन के नहीं जाने और कोच डैमेज होने या बुक टिकट वाली श्रेणी में यात्रा की सुविधा नहीं मिलने पर आप 100 फीसदी रिफंड मिल सकता है. ये भी पढ़ेंः रेलवे का बड़ा फैसला, 300 ट्रेनों का रन टाइम बढ़ाया
(5) रेलवे ने रजिस्ट्रेशन, लॉग इन और बुकिंग पेजों पर कैप्चा कोड की व्यवस्था की है. यह इसलिए किया गया है ताकि किसी ऑटोमेशन सॉफ्टवेयर के जरिए फर्जीवाड़ा करके कोई टिकट बुक न किया जा सके.
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