भोपाल : सामूहिक दुष्कर्म मामले में नया मोड़, आरोपित ने कहा - बेटी से लगवाया झूठा आरोप
भोपाल/जबलपुर
भोपाल के हबीबगंज इलाके में 31 अक्टूबर 2017 को युवती के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले के आरोपितों ने हाईकोर्ट में अपील दायर कर कहा कि युवती के पिता से उनकी रंजिश थी इसलिए बेटी के जरिए झूठा आरोप लगाकर फंसाया गया है। चीफ जस्टिस हेमंत गुप्ता,जस्टिस विजय शुक्ला की खण्डपीठ ने अपील में हुए विलंब को माफ करते हुए उसे स्वीकार कर 22 अक्टूबर को सुनवाई के निर्देश दिया।
थी। जब वह रेलवे ट्रैक में रही उसी दौरान नशे में धुत दो युवक उसके सामने आए और उसे पकड़कर रेलवे ट्रैक के नीचे स्थित पुल पर ले गए। जहां दो और युवक पहले से मौजूद थे। इन चारों युवकों ने छात्रा के साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया।
घटना के दूसरे दिन 1 नवंबर की शाम 6 बजे मामले की रिपोर्ट जीआरपी थाने में दर्ज कराई गई। जीआरपी ने गोलू, अमर, राजू और राजू को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। 23 दिसंबर 2017 को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सविता दुबे ने सभी आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
अपील में क्यों हुआ विलंब
आरोपितों के अधिवक्ता मुकुंद चौरसिया, दीपक पंजवानी व रवीन्द्र श्रीवास्तव ने कोर्ट को बताया कि घटना के बाद भोपाल जिला बार एसोसिएशन ने घोषणा कर दी थी कि कोई भी वकील आरोपितों की पैरवी नहीं करेगा। इसी कारण से अपील दायर करने में विलंब हुआ। विलंब को क्षमा करते हुए कोर्ट ने याचिका में बनाए गए अनावेदकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
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