मायावती पर लगा था बैन, भतीजे आकाश ने पहली बार संभाली चुनावी रैली की कमान
आगरा
विवादित बयान देने के आरोप में मायावती पर चुनाव आयोग ने 48 घंटे का बैन लगा दिया है। इस अवधि में वह ना तो कोई जनसभा कर सकती हैं और ना ही किसी तरह का चुनाव प्रचार। हालांकि मंगलवार को आगरा में आयोजित महागठबंधन की रैली में उनकी कमी को पूरा करने के लिए उनके भतीजे आकाश कुमार चुनावी मंच पर आए। एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव, बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा और आरएलडी अध्यक्ष अजित सिंह के बगल वाली कुर्सी पर आकाश कुमार को बैठाया गया।
आकाश ने रैली में आए लोगों को पहली बार संबोधित करते हुए कहा, 'बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और मेरी बुआजी की अपील पर आप लोग इतनी बड़ी संख्या में आए उसके लिए हम आपके आभारी हैं। मैं आपके सामने पहली बार आया हूं।' उन्होंने कहा, 'मैं आपसे एक अपील करता हूं और मुझे पता है कि आप लोग मेरी अपील मानेंगे। आप लोग आगरा लोकसभा सीट से मनोज कुमार सैनी और फतेहपुर से श्रीभगवान शर्मा को भारी मतों से जितवाएं।'
अखिलेश और सतीश चंद्र मिश्रा ने दी शाबाशी
आकाश ने कहा, 'आप लोग महागठबंधन के इन प्रत्याशियों को जिताकर विपक्षी पार्टियों के कैंडिडेट की जमानत जब्त करवाएं, यही चुनाव आयोग को करारा जवाब होगा।' आकाश के स्पीच खत्म करते ही एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव और बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने उन्हें बधाई और शाबाशी दी।
सुप्रीम कोर्ट ने भी खारिज की मायावती की अपील
बता दें कि मुसलमानों से महागठबंधन के पक्ष में एकमुश्त वोट करने की अपील बीएसपी सुप्रीमो ने की थी। इस बयान पर दर्ज हुई शिकायत की सुनवाई करते हुए आयोग ने बीएसपी प्रमुख के प्रचार पर 48 घंटे तक के लिए बैन लगाया था। मायावती ने सुप्रीम कोर्ट से उन पर चुनाव आयोग द्वारा लगाया गए प्रतिबंध हटाने की मांग की थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि हमें नहीं लगता इस पर फिर से विचार करने की कोई जरूरत नहीं है। साथ ही चीफ जस्टिस ने चुनाव आयोग के फैसले पर संतोष जताया।
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