रेवेन्यू रिकार्ड की स्केनिंग कराएगा राजस्व विभाग, डिजिटाइज होंगे अभिलेखागार

भोपाल

प्रदेश के सभी जिलों में राजस्व अभिलेखागार में रखे गए राजस्व न्यायालयों के फैसलों को डिजिटाइज किया जाएगा। इसके लिए आयुक्त भू अभिलेख ने सभी कलेक्टरों को रिकार्ड की स्केनिंग कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए यह भी बताया गया है कि किस तरह से पूरी प्रक्रिया अपनाना है ताकि मूल रिकार्ड खराब और नष्ट होने से बचाए जा सकें।

सीएलआर के निर्देश में कहा गया है कि डिजिटल इंडिया लैंड रिकार्ड मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम के अंतगर्त राजस्व रिकार्ड की स्केनिंग, मेटा डाटा एंट्री का कार्य वेंडर द्वारा किया जाना है। इसमें जिला कार्यालय वेंडर को स्केनिंग व्यवस्था के लिए आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराएंगे। इसके लिए जिलों में पदस्थ अधीक्षक भू अभिलेख स्केनिंग के प्रभारी अधिकारी होंगे। अफसरों को यह ध्यान रखना है कि वेंडर तहसील कार्यालय के रिकार्ड रूम से रिकार्ड अकेले लेकर नहीं आएंगे बल्कि कलेक्टर द्वारा मनोनीत किए गए अधिकारी के साथ रिकार्ड जिला कार्यालय लाए जाएंगे और स्केनिंग होने के बाद वापस कलेक्टर द्वारा बताए गए रिकार्ड रूम में रखवाए जाएंगे। तहसील में अगर स्केनिंग की व्यवस्था होगी तो वहां भी कराई जा सकेगी।