शिवराज सिंह चौहान बोले, 23 मार्च तक MP में नहीं हुआ था कोई COVID-19 टेस्ट, अब रोज हो रहे 1200

शिवराज सिंह चौहान बोले, 23 मार्च तक MP में नहीं हुआ था कोई COVID-19 टेस्ट, अब रोज हो रहे 1200

भोपाल
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने गुरुवार को बताया कि, प्रदेश में 23 मार्च तक कोविड-19 (COVID-19) का कोई टेस्ट नहीं किया गया था. ऐसा इसलिए क्योंकि मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस (Coronavirus) का टेस्ट करने में सक्षम कोई प्रयोगशाला नहीं थी. आज, राज्य में हर दिन 1200 परीक्षण किए जाते हैं. उन्होंने बताया कि, 'इसके अलावा, हम परीक्षण के लिए सैंपल को दिल्ली और नोएडा के प्रयोगशालाओं के लिए भेजते हैं.'

शिवराज सिंह चौहान ने आगे बताया कि इंदौर में, प्रति 10 लाख लोगों पर 2100 परीक्षण किए जा रहे हैं. शहर को 11 क्षेत्रों में विभाजित किया गया है और पूरे शहर में सर्वे किया जा रहा है. इंदौर में कोरोना वायरस के तेजी से फैलते संक्रमण के मद्देनजर अब तक 3.90 लाख लोगों का स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया जा चुका है.

कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर हॉटस्पॉट बने इंदौर में संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है. अब तक यहां संक्रमितों की संख्या 707 तक पहुंच गई है. दिल्ली भेजे गए 1142 सैंपल में से गुरुवार सुबह दूसरी रिपोर्ट आई है, जिसमें 110 पॉजिटिव मरीज और मिले हैं. दूसरी तरफ, दूसरे राज्‍यों से इंदौर आए 11 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. ये सभी एक होटल में ठहरे हुए थे. होटल को सील (क्‍वारंटाइन) कर दिया गया है. इस तरह इंदौर में एक ही दिन में कोरोना पॉजिटिव के 121 नए मामले सामने आए हैं. दिल्ली की रिपोर्ट में बुधवार को 117 मरीज पॉजिटिव पाए गए थे. शहर में अब तक 39 लोगों की कोरोना से जान जा चुकी है और 37 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं.

मध्य प्रदेश में इंदौर और भोपाल में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं. यहां तेजी से संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं. इंदौर में पिछले 24 घंटे में 230 पॉजिटिव संक्रमण मिलने का रिकॉर्ड बन गया है. गुरुवार को इंदौर शहर में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 707 पहुंच गई जो प्रदेश में सबसे अधिक है. इसमें 586 पहले के संक्रमित मरीज़ शामिल हैं. 110 मरीज़ दिल्ली के लैब में की गई जांच रिपोर्ट में संक्रमित पाए गए हैं.