सरकारी अस्पतालों में निजी डॉक्टर देंगे फ्री सेवाएं

सरकारी अस्पतालों में निजी डॉक्टर देंगे फ्री सेवाएं

इंदौर
 शहर के सरकारी अस्पतालों में जल्द ही प्राइवेट डॉक्टर भी मरीजों का इलाज करते नजर आएंगे। इससे गरीब मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल सहित शहरी स्वास्थ्य केंद्र में यह अपनी सेवा देंगे। इसके लिए बकायता इन्हें राशि का भुगतान भी किया जाएगा। योजना के तहत सप्ताह में किसी भी एक दिन दो घंटे तक सरकारी अस्पतालों में सेवा देना होगी। डॉक्टर उपलब्ध कराने की कवायद पूरे प्रदेश में हो रही है। इंदौर में भी 32 शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध हो सकेंगे।


अस्पतालों में डॉक्टरों के रिक्त पदों पर नियुक्ति नहीं होने या कई विशेषज्ञों के पद खाली होने से इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। जिला अस्पताल सहित शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी होने से एक ही जगह के चार्ज दो-दो डॉक्टरों तक को दिए हुए हैं। इलाज के अलावा भी कई काम करने से विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी भी बनी हुई है। इससे मरीज प्राइवेट अस्पतालों में महंगा इलाज करवाने को मजबूर हैं। इसे देखते हुए राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के तहत प्राइवेट सेक्टर के डॉक्टरों को सरकारी अस्पताल में सेवा देने बुलाया जाएगा। उन्हें 2250 रुपए का भुगतान भी किया जाएगा। शासन स्तर पर यह आदेश निकलने के बाद अब जिला स्तर पर इसकी व्यवस्था हो सकेगी।

अभी इस तरह से आती है समस्या

- समय पर नहीं मिलते डिस्पेंसरी में डॉक्टर।

- विशेषज्ञ डॉक्टर के नहीं मिलने से मरीज होते हैं परेशान।

- एमवाय अस्पताल में इलाज के लिए घंटों करते हैं इंतजार।

- प्राइवेट अस्पतालों में 500 से 1000 रुपए देकर कराते हैं इलाज।

योजना लागू होने यह होगा फायदा

- बीपीएल व गर्भवती महिलाओं की निशुल्क होगी जांच।

- अन्य मरीजों को दस रुपए में उपलब्ध हो सकेगा इलाज।

- प्राइवेट अस्पतालों में महंगी फीस देने से बचेंगे।

- घर के पास ही डिस्पेंसरी में मिल सकेंगे विशेषज्ञ।

- जांच होने पर जल्द मिलेगी इलाज की सुविधा।

इन विशेषज्ञों को बुलाया जाएगा

- हड्डी रोग विशेषज्ञ

- नाक , कान, गला विशेषज्ञ

- त्चचा रोग विशेषज्ञ

- स्त्री रोग विशेषज्ञ

- शिशु रोग विशेषज्ञ

- जनरल मेडिसिन विशेषज्ञ

- टीबी एवं चेस्ट रोग विशेषज्ञ

जल्द ही योजना की होगी शुरुआत

अस्पतालों में स्थायी डॉक्टरों की कमी बनी हुई है। इसे देखते हुए शासन ने यह निर्णय लिया है। हमने प्रोसेस प्रारंभ कर दी है। प्राइवेट सेक्टर के जो डॉक्टर अपनी सेवा देना चाहते हैं उन्हें एक माह में चार से छह विजिट संबंधित अस्पतालों में करना होगी। इसका भुगतान भी शासन उन्हें करेगा। इससे मरीजों को और बेहतर इलाज मिल सकेगा।
 -डॉ. प्रवीण जड़िया, सीएमएचओ, इंदौर