चांद का दीदार न होने से अब 1 को मनेगी ईद, बकरीद श्निवार को, तैयारियां शुरू
ग्वालियर
इस्लामिक साल के आखिरी महीने की 10 तारीख को मनाया जाने वाला ईद-उल-जुहा अब एक अगस्त को मनाया जाएगा. ईद-उल-जुहा का त्योहार इस बार चांद का दीदार नहीं होने की वजह से अब 1 अगस्त को मनाया जाएगा।
यदि मंगलवार की रात को चांद का दीदार होता तो यह त्योहार 31 जुलाई को मनाया जाता लेकिन मुस्लिम समाज में चांद दिखने की काफी ज्यादा अहमियत है। चांद मंगलवार को नजर नहीं आया। ऐसे में अब ईद-उल-जुहा का त्योहार 1 अगस्त को मनाया जाएगा। इस मुकद्दस चांद के दीदार करने के लिए काफी संख्या में लोग अपने घरों की छतों पर नजर आए लेकिन चांद नजर नहीं आया। ऐसे में मुस्लिम धार्मिक गुरुओं की तरफ से चांद के दीदार के लिए काफी समय तक इंतजार भी किया गया। देर रात तक चांद की घोषणा नहीं होने के बाद यह ऐलान किया कि चांद रात अब बुधवार को होगी।
इस्लाम मजहब की मान्यता के अनुसार, कहा जाता है अल्लाह ने हजरत इब्राहिम से सपने में उनकी सबसे प्रिय चीज की कुबार्नी मांगी थी. हजरत इब्राहिम अपने बेटे से बहुत प्यार करते थे, लिहाजा उन्होंने अपने बेटे की कुबार्नी देने का फैसला किया. अल्लाह के हुक्म की फरमानी करते हुए हजरत इब्राहिम ने जैसे ही अपने बेटे की कुर्बानी देनी चाही तो अल्लाह ने एक बकरे की कुर्बानी दिलवा दी। कहते हैं तभी से बकरीद का त्योहार मनाया जाने लगा, इसलिए ईद-उल-अजहा यानी बकरीद हजरत इब्राहिम की कुर्बानी की याद में ही मनाया जाता है।
बता दें कि इस्लामिक साल के इस आखिरी महीने की काफी ज्यादा अहमियत बताई गई है. इस आखिरी महीने में ही मुकद्दस हज का सफर भी होता है लेकिन इस बार कोरोना वायरस के चलते भारत ओर कई देशों का हज का सफर कैंसिल कर दिया गया है।
शहर में एक अगस्त को मनाए जाने वाले ईद-उल-अजहा के लिए शहर काजी अब्दुल अजीज कादरी ने एडवाइजरी जारी कर दी है। इसके अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी नहीं दी जाएगी। कुबार्नी घरों पर ही दी जाएगी और इस दौरान कुर्बानी देने वाले व्यक्ति को ग्लव्स तथा मास्क पहनना आवश्यक होगा और जहां कुर्बानी होगी उस पूरी जगह को सेनिटाइज किया जाएगा। कुर्बानी के बाद नालियों में खून न बहे इसकी जवाबदारी कुर्बानी देने वाले को लेना होगी। शहर काजी के अनुसार कोरोना संक्रमण की वजह से डब्ल्यूएचओ और भारत सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन किया जाएगा ताकि त्योहार के दौरान संक्रमण न फैले। शहर काजी ने कहा है कि प्रशासन की गाइडलाइन के अनुसार ईदगाह और मस्जिदों में 5 लोग ही नमाज कर सकेंगे। कुर्बानी के वक्त भी एक स्थान पर 5 से ज्यादा लोग इकट्ठे न हो।
bhavtarini.com@gmail.com 