फिरोजाबाद सीट पर भतीजे अक्षय को चुनौती देंगे चाचा शिवपाल

फिरोजाबाद सीट पर भतीजे अक्षय को चुनौती देंगे चाचा शिवपाल

लखनऊ 
यूपी की फिरोजाबाद लोकसभा सीट पर इस बार सैफई परिवार के अंतरद्वंद्व के चलते चाचा-भतीजे का चुनाव में आमना-सामना होने जा रहा है। एसपी से अलग हुए शिवपाल यादव खुद फिरोजाबाद सीट पर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं जबकि मुलायम परिवार से शिवपाल के ही भतीजे अक्षय यादव एसपी कैंडिडेट के तौर पर मैदान में हैं। अक्षय एसपी महासचिव रामगोपाल यादव के बेटे हैं। ऐसे में इस सीट पर चुनाव दिलचस्प हो गया है। 

रामगोपाल ने शिवपाल सिंह की चुनौती को प्रतिष्ठा की लड़ाई मानकर कई महीनों पहले से ही क्षेत्र में जनसंपर्क शुरू कर दिया है। शिवपाल और रामगोपाल अपना-अपना शक्ति प्रदर्शन करने के लिए रैलियां भी कर चुके हैं। इस सीट पर मुलायम परिवार की चुनावी जंग के कारण कांग्रेस प्रत्याशी के चुनाव मैदान में आने की संभावना कम ही नजर आ रही है। 

वहीं बीजेपी में जरूर एसपी-पीएसपी की आपसी जंग का लाभ उठाने के लिए किसी सशक्त प्रत्याशी के नाम पर गहन मंथन चल रहा है। बीजेपी संगठन में जो नाम चर्चा में माने जा रहे हैं, उनमें मुख्य रूप से प्रदेश के कैबिनेट मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल भी हैं। वह पहले एसपी और बीएसपी से भी सांसद रह चुके हैं। यही नहीं 2014 में वह बीजेपी के टिकट पर अक्षय यादव के ही खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं। वह जनपद की टुंडला सीट से विधायक भी हैं। 

फिरोजाबाद सीट पर बीजेपी के टिकट के लिए ठाकुर जयवीर सिंह का नाम भी चर्चा में है। वह भी एसपी, बीएसपी सरकारों में मंत्री रह चुके हैं। हालांकि बीते विधानसभा चुनाव में सिरसागंज से बीजेपी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े थे। इसी तरह बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष नानक चंद्र अग्रवाल, फिरोजाबाद के विधायक मनीष असीजा के नाम पर भी संगठन विचार कर सकता है। मनीष ने अपनी कर्मठ कार्यशैली से जनता के बीच स्वस्थ और स्वच्छ छवि बनाई है। 

वहीं बीजेपी में एक विचार यह भी उभरकर आ रहा है कि मुलायम परिवार की लड़ाई के बीच किसी यादव प्रत्याशी को उतारकर मत विभाजन का फायदा बीजेपी उम्मीदवार को दिलाया जाए। इस लिहाज से बीजेपी के लोकसभा प्रभारी रामकैलाश यादव का नाम अहम है जो काफी समय से बीजेपी में सक्रिय पदों पर रहे हैं। बीते विधानसभा चुनावों में उन्होंने शिकोहाबाद से दावेदारी भी की थी मगर अंतिम समय पर उनका नाम काट दिया गया था।