राजस्थान: बागी बिगाड़ेंगे बीजेपी-कांग्रेस का खेल?
जयपुर
राजस्थान के विधानसभा चुनाव में कम से कम 35 सीटों पर नतीजों पर मजबूत विद्रोही उम्मीदवारों के कारण असर पड़ सकता है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों से टिकट न मिलने के बाद बहुत से मजबूत विद्रोही उम्मीदवार मैदान में उतर गए हैं। राजस्थान में सरकार चला रही बीजेपी उम्मीदवारों के खिलाफ चार मंत्रियों, एक पार्लियामेंटरी सेक्रेटरी और आठ निवर्तमान विधायकों ने नामांकन दाखिल किए हैं, जबकि कांग्रेस को चार पूर्व मंत्रियों और छह पूर्व विधायकों से चुनौती मिल रही है। राज्य में 7 दिसंबर को चुनाव होना है।
बीजेपी ने 56 मौजूदा विधायकों को टिकट नहीं दिए हैं। इनमें छह मंत्री और दो संसदीय सचिन शामिल हैं। दो मंत्री- जसवंत यादव (श्रम मंत्री) और नंद लाल मीणा (आदिवासी विकास मंत्री) अपने बेटों को टिकट दिलाने में सफल रहे हैं, जबकि चार अन्य मंत्री- सुरेन्द्र गोयल, राजकुमार रिन्वा, धन सिंह रावत और हेम सिंह भडाना निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं।
कांग्रेस-बीजेपी को हो सकता है नुकसान
राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा की पत्नी गोल्मा देवी को हराने वाले संसदीय सचिव ओम प्रकाश हुडला भी चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने मीणा पर अपने खिलाफ षड्यंत्र करने का आरोप लगाया है। राजनीतिक विश्लेषण रवीश त्रिपाठी ने कहा, 'इन मंत्रियों के अपने क्षेत्रों में समर्पित समर्थक हैं। सुरेन्द्र गोयल जैसे कुछ नेता निर्दलीय के तौर पर जीत सकते हैं, जबकि अन्य कांग्रेस और बीजेपी दोनों दलों की संभावनाओं को नुकसान पहुंचाएंगे।'
कुछ मजबूत दावेदार टिकट न मिलने से नाराज
कांग्रेस भी ऐसी ही स्थिति का सामना कर सकती है। कुछ मजबूत दावेदारों ने पार्टी से टिकट न मिलने के बाद स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। महादेव सिंह खंडेला, बाबूलाल नागर, ललित भाटी और ब्रह्मदेव कुमावत जैसे कुछ पूर्व मंत्री पार्टी के उम्मीदवारों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकते हैं।
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