शेरगढ़ वन्य जीव अभयारण्य क्षेत्र में अतिक्रमण रोकने के लिए चलेगा सघन अभियान: वन राज्य मंत्री

शेरगढ़ वन्य जीव अभयारण्य क्षेत्र में अतिक्रमण रोकने के लिए चलेगा सघन अभियान: वन राज्य मंत्री

जयपुर। वन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि शेरगढ़ वन्य जीव अभयारण्य भूमि पर अतिक्रमणों के संबंध में विभाग द्वारा सघन अभियान चलाया जाएगा एवं अतिक्रमियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

वन राज्य मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य प्रताप सिंह सिंघवी द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि शेरगढ़ वन्य जीव अभयारण्य में हटाए गए अतिक्रमणों पर दोबारा कोई अतिक्रमण नहीं हुआ है। इन अतिक्रमणों से मुक्त कराई गई भूमि पर लगभग 18 हेक्टेयर क्षेत्रफल का नीमथूर प्रे-बेस एनक्लोजर एवं लगभग 12 हेक्टेयर क्षेत्रफल का सूरपा प्रे-बेस एनक्लोजर बनाया जा रहा है। नीमथूर प्रे-बेस एन्क्लोज़र में लगभग 1655 रनिंग मीटर एवं सूरपा एन्क्लोजर में लगभग 315 रनिंग मीटर 15 फीट ऊंची लोहे की फेंसिंग लग चुकी है एवं अन्य कार्य प्रगति पर है, जिन्हें 31 मार्च तक पूर्ण कर दिया जाएगा। इससे भूमि पर पुनः अतिक्रमण नहीं होगा। 
 
शर्मा ने बताया कि शेरगढ़ अभयारण्य में कार्यरत उप वन संरक्षक द्वारा 12 फरवरी, 2024 को चार्ज लेने के बाद प्रे-बेस एनक्लोजर एवं दीवार बनाने के लिए सर्वे कराने के दौरान इन अतिक्रमणों की जानकारी मिली। इस पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम—1972 की धारा 34—ए में कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण को हटा दिया गया। वर्ष 2025-26 में इस भूमि पर प्रे-बेस एनक्लोजर बनाकर वन भूमि को हमेशा के लिए सुरक्षित कर लिया गया। 

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी कर्मचारी की मिलीभगत नहीं मिली, जिससे किसी के विरुद्ध भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। वर्तमान में अभयारण्य की वन भूमि पर कोई अतिक्रमण नहीं है। अतिक्रमण की वास्तविक स्थिति के भौतिक सत्यापन के लिए मुख्यालय स्तर पर दल गठित कर परीक्षण कराया जाएगा।  

इससे पहले विधायक के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में वन राज्य मंत्री ने शेरगढ़ वन्यजीव अभयारण्य की भूमि से अवैध कब्जे हटाने के लिए कार्यवाही का विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने जानकारी दी कि भविष्य में अभयारण्य की वन भूमि पर अतिक्रमण की रोकने के लिए कार्य प्रगतिरत है। इनमें, सुरक्षा दीवार बनाना, सतत पेट्रोलिंग एवं गश्त, वन कर्मियों के लिए एंटी पोचिंग कैम्प एवं वन चौकी का निर्माण कराया जा रहा है। गश्त के लिए मोटर साइकिल उपलब्ध कराई जा रही है। क्षेत्र में वायरलेस सिस्टम भी लगाए गए हैं।