रणथम्भौर टाइगर रिजर्व की सुरक्षा और अवैध खनन पर प्रभावी रोक के निर्देश

रणथम्भौर टाइगर रिजर्व की सुरक्षा और अवैध खनन पर प्रभावी रोक के निर्देश

वन्य जीवों का निगरानी तंत्र मजबूत करने पर चर्चा

सवाई माधोपुर/जयपुर। उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) की अनुशंसाओं एवं निर्देशों की पालना, रणथम्भौर टाइगर रिजर्व और चंबल नदी क्षेत्र में अवैध खनन पर रोक, वन्यजीव संरक्षण तथा पर्यटन सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को लेकर शुक्रवार को सवाई माधोपुर जिले में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। 

बैठक में मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक (चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन) श्री केसीए अरुण प्रसाद, जिला कलक्टर काना राम, जिला पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। 

अवैध खनन पर कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर जोर

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने अवैध खनन में प्रयुक्त वाहनों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने, संबंधित मामलों में एफआईआर दर्ज कराने तथा विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए। बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली, डंपर एवं अन्य वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करने के साथ पेट्रोल पंपों पर बिना नंबर वाले वाहनों को ईंधन नहीं देने तथा खुले में पेट्रोल-डीजल भरने की गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने वन क्षेत्र के संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों को सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से शीघ्र क्रियाशील करने, नियमित गश्त एवं संयुक्त पेट्रोलिंग मजबूत बनाने तथा आवश्यकतानुसार सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने पर जोर दिया गया।

चंबल क्षेत्र में अतिक्रमण एवं वन भूमि संरक्षण की समीक्षा

बैठक में चंबल नदी के घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र के आसपास अतिक्रमण से संबंधित खसरों की पहचान, सीमांकन एवं संवेदनशील स्थलों के संरक्षण पर चर्चा की गई। रणथम्भौर टाइगर रिजर्व की सीमा के आसपास अवैध निर्माण एवं व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े प्रकरणों में अभिलेखों का परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई और लंबित मामलों में समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

पर्यटन सुविधाओं पर फोकस

रणथम्भौर में सफारी बुकिंग व्यवस्था को अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने, आधिकारिक वेबसाइट के बेहतर प्रबंधन तथा साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विचार-विमर्श किया गया। गणेश धाम पर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से पर्यटकों को जिले के पर्यटन स्थलों, सफारी बुकिंग एवं वन्यजीव क्षेत्र में प्रवेश संबंधी नियमों की जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को सुप्रीम कोर्ट और सीईसी के निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने तथा निर्धारित समयावधि में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने वन एवं वन्यजीव संरक्षण, अवैध खनन और अतिक्रमण पर नियंत्रण तथा पर्यटन गतिविधियों के सुव्यवस्थित संचालन के लिए प्रभावी अंतरविभागीय समन्वय बनाए रखने पर बल दिया।

बैठक में वन विभाग के मुख्य वन संरक्षक एसपी सिंह, उप वन संरक्षक मानस सिंह, उप वन संरक्षक सामाजिक वानिकी सुनील कुमार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद मोहित कासनिया सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।