स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं है पतंजलि का गाय घी, मप्र में बिक्री पर लगी रोक
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में त्योहारों का मौसम नजदीक आते ही बाजारों में मिलावटखोरों और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। इसी बीच बाबा रामदेव की मशहूर कंपनी पतंजलि के गाय के घी को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन की लैब जांच में पतंजलि घी का एक खास बैच ‘असुरक्षित’पाया गया है। रिपोर्ट सामने आने के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है और प्रभावित बैच को तुरंत बाजार से वापस मंगाने का आदेश जारी किया है।
मध्य प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने पतंजलि गाय घी के एक बैच को स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाते हुए कार्रवाई की है। प्रयोगशाला की जांच में इस घी के 200 एमएल पैक वाले एफएडब्ल्यूबी-260017 बैच के नमूने में सीसे की मात्रा निर्धारित सीमा से पांच गुना अधिक पाई गई है। सीसे की मात्रा अधिकतम 0.02 मिलीग्राम प्रति किलो होनी चाहिए, लेकिन नमूने में 0.10 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम पाई गई। नियमानुसार घी में सीसे की मात्रा अधिकतम 0.02 मिलीग्राम प्रति किलो होनी चाहिए, लेकिन जांच में लिए गए नमूने में 0.10 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम सीसा पाया गया। इस मात्रा को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है।
प्रदेश में बिक्री पर रोक, देशभर से रिकॉल का आदेश
मध्य प्रदेश खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक मनोज पुष्प ने बताया कि अब प्रदेश में इस बैच के पतंजलि गाय घी की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
इसके साथ ही निर्माता पतंजलि फूड लिमिटेड को आदेश जारी किया गया है कि वह देश भर के बाजार, डिस्ट्रीब्यूटर और रिटेलरों से इस बैच का पूरा स्टाक 24 घंटे में वापस (रिकॉल) मंगाए। वापस मंगाए गए स्टाक पर स्पष्ट रूप से 'फूड रिकॉल-नॉट फॉर सेल' अंकित करने के साथ ही उसे नष्ट करने का बैचवार हिसाब भी विभाग ने मांगा है।
महाराष्ट्र कमिश्नर को भी लिखा पत्र
चूंकि इस घी का निर्माण स्थल महाराष्ट्र में है, इसलिए मध्य प्रदेश खाद्य विभाग ने महाराष्ट्र फूड कमिश्नर को भी पत्र लिखकर पूरे देश से किए जा रहे रिकॉल की निगरानी करने को कहा है।
छिंदवाड़ा से लिया था नमूना
जांच के लिए नमूना गत 10 अगस्त को छिंदवाड़ा जिले के तामिया (देलाखारी) स्थित अनिल किराना से लिया गया था। नौ अक्टूबर को भोपाल स्थित केली प्राइवेट लिमिटेड प्रयोगशाला की रिपोर्ट में इसे असुरक्षित पाया गया। मध्य प्रदेश खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक मनोज पुष्प ने बताया कि अब प्रदेश में इस बैच के पतंजलि गाय घी की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
अप्रैल 2026 मैन्युफैक्चरिंग बैच पर गाज
खाद्य विभाग के अनुसार अप्रैल 2026 में मैन्युफैक्चर हुआ 200ml का यह संबंधित बैच अमानक पाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि अगर इस आदेश के बाद भी बाजार या किसी दुकान में इस अमानक बैच का पतंजलि गाय का घी बिकता हुआ पाया जाता है, तो विक्रेता और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
24 घंटे में स्टॉक वापस मंगाने का आदेश
इसके साथ ही निर्माता पतंजलि फूड लिमिटेड को देश भर के बाजार, डिस्ट्रीब्यूटर और रिटेलरों से इस बैच का पूरा स्टॉक 24 घंटे में वापस (रिकाल) मंगाने का आदेश जारी किया है। वापस मंगाए गए स्टाक पर स्पष्ट रूप से फूड रिकॉल-नॉट फॉर सेल अंकित करने के साथ ही उसे नष्ट करने का बैचवार हिसाब भी मांगा है।
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