खनन प्रभावित क्षेत्रों में डीएमएफटी फण्ड को जिला कलेक्टर बनाएं विकास का माध्यम: मुख्य सचिव 

खनन प्रभावित क्षेत्रों में डीएमएफटी फण्ड को जिला कलेक्टर बनाएं विकास का माध्यम: मुख्य सचिव 

जिलों में अब तक 12311.15 करोड़ रुपए की राशि के कार्य स्वीकृत, 7217 करोड़ 28 लाख रुपए व्यय

जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउण्डेशन फण्ड से प्राथमिकता क्षेत्र के कार्यों पर विशेष जोर देते हुए खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास का प्रमुख माध्यम बनाएं। उन्होंने कहा कि पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, युवाओं व महिलाओं के कौशल विकास सहित प्राथमिकता वाले क्षेत्र के कार्यों पर फोकस करने के साथ ही कार्यों की गुणवत्ता और पूर्णता पर ध्यान देना होगा। उन्होंने वित विभाग को निर्देश दिए कि कार्यों की गुणवत्ता और प्राथमिकता देखते हुए राशि स्वीकृत करें और प्रभावी मॉनीटरिंग तय की जाएं।
 
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सचिवालय में डि​स्ट्रिक्ट मिनरल फाउण्डेशन की राज्य स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि डीएमएफटी फण्ड के गुणवत्तापूर्ण और बेहतर उपयोग के लिए कलेक्टर्स स्तर पर डीएमएफटी संचालन समितियों की नियतकालीन बैठकें आयोजित करने, क्षेत्र की आवश्यकताओं को चिन्हित करने और विकास परक कार्यों की स्वीकृति और प्रभावी मोनेटरिंग व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
       
अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस श्रीमती अपर्णा अरोरा ने बताया कि डीएमएफटी से खनन प्रभावित क्षेत्रवासियों को पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, पर्यावरण विकास सहित प्राथमिकता क्षेत्र के कार्य कराने के साथ ही 30 प्रतिशत राशि से सड़क, आधारभूत संरचना आदि कार्य कराने के प्रावधान है। डीएमएफटी फण्ड से संबंधित जिलों में अब तक 12311 करोड़ 15 लाख रुपए की राशि के कार्य स्वीकृत किये जा चुके हैं जिसमें से 7217 करोड़ 28 लाख रुपए व्यय हो चुके हैं।

श्रीमती अपर्णा अरोरा ने कहा कि जिला कलेक्टरों को खनन क्षेत्रों के डीएमएफटी से कार्य स्वीकृत करते समय प्राथमिकता तय करनी होगी ताकि इस राशि से खनन क्षेत्रों से प्रभावित गांवों में विकास और लोगों को आधारभूत सुविधाएं मिल सके।

अतिरिक्त मुख्य सचिव सार्वजनिक निर्माण विभाग प्रवीण गुप्ता, प्रमुख सचिव मेडिकल श्रीमती गायत्री राठौड, प्रमुख सचिव पीएचईडी हेमंत गैरा, सचिव वित श्रीमती टीना सोनी ने डीएमएफटी में उपलब्ध राशि के उपयोग पर संतोष व्यक्त करते हुए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। साथ ही, विशिष्ठ सचिव माइंस श्रीमती नम्रता वृष्णि ने डीएमएफटी के कार्यों और प्रगति की विस्तार से जानकारी दी।