जलेश्वर धाम, माई की मंडवा, दुर्गाधारा और राजमेरगढ़ को विकसित करने केनिर्देश

जलेश्वर धाम, माई की मंडवा, दुर्गाधारा और राजमेरगढ़ को विकसित करने केनिर्देश

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कलेक्टर श्रीमती प्रियंका ऋषि महोबिया ने जिले के पर्यटन और धार्मिक स्थलों को विकसित करने के लिए सोमवार को स्थल निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम पंचायत ठाढपथरा के माई की मंडवा, जलेश्वर और राजमेरगढ़ का दौरा किया। उन्होंने ठाढपथरा में पार्किंग और शौचालय निर्माण करने के लिए कहा। कलेक्टर ने माई की मंडवा में जो कच्ची झोपड़ी में कैंटीन चला रहे नागरिक को जिला प्रशासन द्वारा निर्मित होने वाली कैंटीन में स्थान देने और परिसर में कुर्सी बैठक व्यवस्था सहित शौचालय निर्माण कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। श्रीमती महोबिया ने पुजारी श्री कुंवर सिंह से माई की गुफा के अखंड ज्योति के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर ने दुर्गाधारा पहुंचकर वहां स्थित झरने का अवलोकन किया और इसके जीर्णोद्धार करने के लिए अधिकारियों को कहा।  
कलेक्टर श्रीमती महोबिया ने जलेश्वर की स्व-सहायता समूह की महिलाओं से उनके आजीविका के संबंध में चर्चा की। जलेश्वर के जमीन का सीमांकन करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। ठंड में बच्चों के स्वास्थ्य आदि को देखते हुए किसी भी निवासरत परिवार के आवास को नुकसान नही हो, इसका ध्यान रखते हुए शेड निर्माण, शौचालय और वाहनों के लिए पार्किंग बनाने अधिकारियों को निर्देश दिए। 
कलेक्टर ने राजमेरगढ़ में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए रेलिंग बनाने, पहाड़ी से सुदूर मनोरम दृश्य देखने के लिए मंच तैयार करने, वन समितियों के सदस्यों को कैंटीन संचालन के लिए प्रशिक्षित करने के लिए कहा। उन्होंने प्रशिक्षण शिविर और कार्यक्रम में स्थानीय निवासियों को पेड़ों को नहीं काटने और आगजनी आदि से वनों की सुरक्षा के लिए जानकारी देने के लिए कहा। कलेक्टर ने राजमेरगढ़ पिकनिक स्पॉट की दृष्टि से विकसित हो, इसके लिए पर्यटन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। पर्यटन विभाग की ओर से कलेक्टर को जानकारी दी गई कि वर्तमान में कबीरधाम के बैगा कुटीर के तर्ज पर यहां भी बैगा कुटीर बनाने की तैयारी की जा रही है। वहीं स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आगामी सप्ताह में स्वास्थ्य एवं पुलिस विभाग द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती महोबिया ने अधिकारियों को जिले के युवाओं को आरसीटी के तहत टूरिस्ट गाइड के रूप में प्रशिक्षित करने के लिए कहा, ताकि भविष्य में युवाओं को गाइड के रूप में रोजगार मिल सके और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के धार्मिक और पर्यटन स्थलों-माई की मंडवा, जलेश्वर, राजमेरगढ़, कबीर चबूतरा आदि को बढ़ावा मिले। इस अवसर पर परियोजना निदेशक डीआरडीए श्री आर.के.खुंटे, मुख्य कार्यपालन अधिकरी, गौरेला श्री संजय शर्मा सहित पर्यटन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी आदि उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि माई की मंडवा में बहते जल धारा, मंडप और मांई की गुफा स्थित है। यह माता नर्मदा से जुड़ी स्थल है। जलेश्वर धाम में भगवान भोलेनाथ का पौराणिक महत्व का शिवलिंग है। दुर्गाधारा में बहती झरना और दुर्गा माता का मंदिर है और राजमेरगढ़ कैम्प तथा पिकनिक के दृष्टि से जंगल के ऊपर बसा पहाड़ी गांव है, जिससे दूर तक नजारा देखा जा सकता है। 

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