कर चोरी के विरुद्ध वाणिज्यिक कर विभाग का बड़ा अभियान, एक साथ 10 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई
करदाताओं द्वारा लगभग 2.51 करोड़ रुपये की राशि स्वेच्छा से जमा एवं आईटीसी रिवर्स, दस्तावेजों की जांच जारी
रिसॉर्ट निर्माण में अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट, बिना बिल बिक्री, टर्नओवर छिपाने और गलत कर दर के मामले आए सामने
जयपुर। प्रदेश में जीएसटी चोरी, फर्जी एवं अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी), बिना बिल माल की खरीद-बिक्री तथा कारोबार छिपाकर राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों के विरुद्ध वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में विभागीय टीमों ने 12 एवं 13 अक्टूबर को जयपुर, अजमेर, ब्यावर, डीडवाना-कुचामन, खैरथल-तिजारा तथा फलोदी सहित विभिन्न स्थानों पर 10 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के विरुद्ध सर्वे एवं जांच की कार्रवाई की।
इन कार्रवाइयों में लगभग 2.85 करोड़ रुपये की संभावित कर अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच के दौरान करदाताओं द्वारा लगभग 2.51 करोड़ रुपये की राशि स्वेच्छा से जमा कराई गई हैं।
रिसॉर्ट निर्माण में अपात्र आईटीसी का मामला, 55.26 लाख रुपये का क्रेडिट रिवर्स
जयपुर के झोटवाड़ा स्थित मैसर्स स्टर्बन रिसॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध 12 अक्टूबर को की गई कार्रवाई में रिसॉर्ट निर्माण से संबंधित इनपुट टैक्स क्रेडिट की पात्रता की जांच की गई। कार्रवाई के दौरान करदाता द्वारा 55 लाख 26 हजार 230 रुपये का आईटीसी रिवर्स किया गया।
इसी प्रकार जयपुर के सी-स्कीम स्थित मैसर्स एजीआरएस वेंचर्स एलएलपी के विरुद्ध 13 अक्टूबर को की गई कार्रवाई में अचल संपत्ति निर्माण से संबंधित लगभग एक करोड़ रुपये के अपात्र आईटीसी का मामला सामने आया। जांच के दौरान करदाता द्वारा 99.76 लाख रुपये का आईटीसी के माध्यम से रिवर्स किया गया।
अजमेर में फर्नीचर एवं प्लाईवुड कारोबारियों पर कार्रवाई, रिकॉर्ड जब्त
अजमेर जिले में मैसर्स मारुति स्टील इंडस्ट्रीज, केकड़ी के विरुद्ध कार्रवाई के दौरान फर्नीचर निर्माण एवं घरेलू सामान की आपूर्ति से संबंधित स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया। प्रतिष्ठान से कारोबारी दस्तावेज एवं इलेक्ट्रॉनिक डेटा युक्त पेन ड्राइव जांच के लिए कब्जे में ली गई। प्रकरण में लगभग 15 लाख रुपये की संभावित कर अनियमितता का आकलन किया गया है तथा करदाता द्वारा 10 लाख रुपये एसजीएसटी कैश लेजर में जमा कराए गए है।
अजमेर के पुष्कर रोड स्थित मैसर्स असम टिम्बर एंड प्लाईवुड के विरुद्ध बिना समुचित कर चालान माल की बिक्री एवं कारोबार छिपाने की आशंका पर कार्रवाई की गई। विभागीय टीम ने स्टॉक का भौतिक सत्यापन कर संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए। प्रारंभिक रूप से लगभग 8 लाख रुपये की संभावित कर अनियमितता का आकलन किया गया है।
वहीं, अजमेर के कैसरगंज स्थित मैसर्स के.सी. एजेंसीज के विरुद्ध कम्पोजिशन योजना के प्रावधानों के उल्लंघन, बिना बिल ऑफ सप्लाई माल की बिक्री एवं वास्तविक टर्नओवर छिपाने के मामले में कार्रवाई की गई। जांच में लगभग 10 लाख रुपये के संभावित बेहिसाबी स्टॉक की जानकारी सामने आई। प्रकरण में 15 से 20 लाख रुपये की संभावित कर देयता आंकी गई है, जिसके विरुद्ध करदाता द्वारा 15 लाख रुपये का चेक स्वेच्छा से प्रस्तुत किया गया।
ब्यावर स्थित मैसर्स अशोक टिम्बर ट्रेडर्स के विरुद्ध बिना बिल माल बिक्री की सूचना पर की गई कार्रवाई में 15 प्रदर्शों के रूप में कारोबारी अभिलेख जब्त किए गए। प्रकरण में 10 से 15 लाख रुपये की संभावित कर अनियमितता सामने आई तथा करदाता द्वारा 6 लाख रुपये चालान के माध्यम से जमा कराए गए।
कुचामन में प्लाईवुड कारोबारी से 7 लाख रुपये जमा
डीडवाना-कुचामन जिले में मैसर्स माहेश्वरी प्लाईवुड एंड हार्डवेयर के विरुद्ध बिना समुचित बिल खरीद-बिक्री तथा आईटीसी के माध्यम से कर देयता समायोजित करने संबंधी सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की गई।
जांच में लगभग 7 से 8 लाख रुपये की संभावित कर अनियमितता सामने आई। करदाता द्वारा 7 लाख रुपये कैश लेजर में जमा कराए गए। मौके से मिले संदिग्ध दस्तावेज जब्त कर आगे की जांच प्रारंभ की गई है।
विग कारोबार में गलत कर दर का मामला, 13.49 लाख रुपये जमा
जयपुर के वैशाली नगर स्थित मैसर्स हेयर विग हाउस प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध कार्रवाई में सितंबर 2025 से वस्तुओं का गलत कर वर्गीकरण कर कम जीएसटी जमा कराने संबंधी अनियमितता सामने आई।
प्रकरण में लगभग 15 से 20 लाख रुपये की संभावित कर देयता आंकी गई। जांच के दौरान करदाता द्वारा 13 लाख 49 हजार 2 रुपये जमा कराए गए। प्रकरण में आगे की जांच जारी है।
जीएसटी विवरणियों में 53.89 लाख रुपये का अंतर, 22.21 लाख जमा
खैरथल-तिजारा जिले के रीको औद्योगिक क्षेत्र स्थित मैसर्स वान्स एल्युमिनियम डिजाइन एलएलपी के विरुद्ध विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई की गई।
जांच में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 15.74 लाख रुपये तथा वित्त वर्ष 2026-27 में 38.15 लाख रुपये सहित कुल 53.89 लाख रुपये की कर देयता का अंतर विवरणियों में सामने आया। कार्रवाई के दौरान करदाता द्वारा 22.21 लाख रुपये स्वेच्छा से जमा कराए गए। शेष संभावित कर देयता एवं अन्य अनियमितताओं का परीक्षण जारी है।
क्रेन सेवा प्रदाता के यहां अपात्र आईटीसी एवं अघोषित बिक्री का मामला
फलोदी जिले के बाप स्थित मैसर्स एस.के. क्रेन सर्विस के विरुद्ध कार्रवाई में जीएसटीआर-2बी एवं जीएसटीआर-3बी में अंतर तथा अपात्र आईटीसी के उपयोग का मामला सामने आया।
जांच में लगभग 15.74 लाख रुपये के ऐसे आईटीसी की जानकारी मिली, जिसके समर्थन में करदाता समुचित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके अतिरिक्त व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुओं पर आईटीसी लेने तथा लगभग 25 लाख रुपये मूल्य के डीजी सेट की बिक्री नियमित बिक्री विवरण में प्रदर्शित नहीं किए जाने की जानकारी भी सामने आई। प्रकरण में करदाता द्वारा 15 लाख 74 हजार 4 रुपये जमा कराए गए।
कर चोरी एवं अपात्र आईटीसी के विरुद्ध कार्रवाई रहेगी जारी
विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जीएसटी विवरणियों में अंतर, बिना बिल माल की खरीद-बिक्री, वास्तविक कारोबार छिपाने तथा अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट के माध्यम से कर देयता कम प्रदर्शित करने वाले मामलों की गहन जांच की जा रही है।
कार्रवाई के दौरान प्राप्त दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों, स्टॉक विवरण एवं करदाताओं द्वारा प्रस्तुत रिकॉर्ड का मिलान कर वास्तविक कर देयता निर्धारित की जाएगी। जहां आवश्यक होगा, वहां जीएसटी अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व हितों की सुरक्षा, कर व्यवस्था में पारदर्शिता तथा ईमानदार करदाताओं के लिए समान प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभाग का विशेष प्रवर्तन अभियान निरंतर जारी रहेगा।
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