नेशनल ट्र्राईबल भित्ति चित्र एवं माण्डना कला कार्यशाला का शुभारंभ, देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे जनजाति कलाकार

नेशनल ट्र्राईबल भित्ति चित्र एवं माण्डना कला कार्यशाला का शुभारंभ, देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे जनजाति कलाकार

जयपुर। जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी शुक्रवार को सांस्कृतिक स्त्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (सीसीआरटी) सभागार में जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग तथा माणिक्यलाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय नेशनल ट्राईबल भित्ति चित्र एवं माण्डना कला कार्यशाला के शुभारंभ समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। खराड़ी ने देश भर से आए जनजाति कलाकारों का स्वागत किया। उन्होंने भित्ति चित्र, मांडना और जनजातीय कला जैसी परंपराएं केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता और जीवन मूल्यों की धरोहर हैं। 
खराड़ी ने कहा कि सरकार और समाज दोनों को मिलकर ऐसे प्रयास करने होंगे, जिससे कलाकारों को प्रोत्साहन मिले और आने वाली पीढ़ियां भी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी रह सकें। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में ऐसे हालात बन रहे हैं, जिससे संस्कार और संस्कृति का क्षरण हो रहा है। इस तरह की कार्यशालाएं इन कलाओं को पुनर्जीवित करने और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम सिद्ध हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि कलाएं रहेंगी तभी संस्कृति जीवित रहेगी। इसलिए इन कलाओं का संरक्षण करना आवश्यक है।