970 महात्मा गांधी स्कूलों में विज्ञान संकाय खोले

970 महात्मा गांधी स्कूलों में विज्ञान संकाय खोले

जयपुर। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार द्वारा शिक्षा विभाग में आगामी वर्षों में सेवानिवृत्ति से रिक्त होने वाले पदों को भी ध्यान में रखकर भर्ती के संबंध में निर्णय लिये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने 970 महात्मा गांधी स्कूलों में विज्ञान संकाय खोले हैं। इनके सफल संचालन के लिए 17 जुलाई 2025 को 4850 नवीन पदों का सृजन किया गया है। इनमें 3880 व्याख्याता स्कूल (शिक्षा) तथा 970 प्रयोगशाला सहायकों के पद शामिल हैं। 

उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने केवल महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के बोर्ड टांगने का काम किया। शिक्षकों की भर्ती के लिए कोई प्रयास नहीं किये गए, जिसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ा।   

शिक्षा मंत्री दिलावर प्रश्नकाल के दौरान सदस्य रामस्वरूप लाम्बा द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार विद्यालयों में नए संकाय खोलने के साथ-साथ नवीन पदों का भी सृजन कर रही है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि बजट घोषणा वर्ष 2025-26 में 100 विद्यालयों में अतिरिक्त संकाय स्वीकृति की घोषणा की गई, जिसके अन्‍तर्गत 99 विद्यालयों में अतिरिक्त संकाय की स्वीकृति जारी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र नसीराबाद में 6 विज्ञान संकाय खोल कर 24 व्याख्याता तथा प्रयोगशाला सहायक के 6 नवीन पदों का सृजन किया गया है।

इससे पहले विधायक लाम्बा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में शिक्षा मंत्री ने बताया कि माध्‍यमिक शिक्षा विभागांतर्गत विधानसभा क्षेत्र नसीराबाद, अजमेर में संचालित 94 रा.उ.मा.वि स्‍तर के विद्यालयों में से 21 राजकीय विद्यालयों में विज्ञान संकाय संचालित है। उन्होंने विद्यालयों का नामवार विवरण सदन की मेज पर रखा। उन्होंने प्रदेश में संचालित राजकीय उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालयों में नवीन संकाय खोलने हेतु मानदण्डों व प्रक्रियाओं संबंधी आदेश का विवरण सदन के पटल पर रखा। 

उन्होंने बताया कि बजट घोषणा वर्ष 2026-27 में अतिरिक्‍त विषय अथवा नवीन संकाय के रूप में विज्ञान संकाय स्‍वीकृति के संबंध में किसी प्रकार का बजट/ वित्‍तीय प्रावधान नहीं रखा गया है। मंत्री दिलावर ने बताया कि आगामी सत्र में बजट एवं वित्‍तीय प्रावधान उपलब्‍ध होने पर नवीन संकाय के रूप में विज्ञान संकाय स्‍वीकृत किये जाने की कार्यवाही की जा सकेगी।