सेवा संकल्प अभियान-2026: सेवा की कहानी : गांव में ही मिला रोजगार, अड़ची में तालाब निर्माण से 100 से अधिक ग्रामीण परिवारों की आजीविका को मिला सहारा
रोजगार के दिनों में 100 से 125 दिन और मजदूरी दर 261 से 300 रुपये होने पर श्रमिकों में उत्साह’
एनएमएमएस और फेस ऑथेंटिकेशन से श्रमिकों की डिजिटल उपस्थिति, रोजगार कार्यों में पारदर्शिता को मिल रहा बढ़ावा
रायपुर, गांव में ही रोजगार मिले, आजीविका के लिए बाहर न जाना पड़े और खेती-किसानी के लिए पानी की स्थायी सुविधा भी विकसित हो, ग्रामीण विकास की इसी सोच को साकार कर रहा है सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत अड़ची में निर्माणाधीन नवीन तालाब। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) श्वीबी-जी राम जीश् के अंतर्गत स्वीकृत इस कार्य से 100 से अधिक ग्रामीण श्रमिकों को अपने ही गांव में रोजगार मिल रहा है। वहीं तालाब का निर्माण पूरा होने के बाद वर्षा जल संग्रहण, आसपास के खेतों में सिंचाई और पशुओं के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत अड़ची में हो रहा यह कार्य ग्रामीण रोजगार सृजन और जल संरक्षण को एक साथ आगे बढ़ाने का उदाहरण बन रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और जल संरक्षण से जुड़ी स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। अड़ची में तालाब निर्माण से ग्रामीणों को वर्तमान में मजदूरी के माध्यम से आय अर्जित करने का अवसर मिल रहा है, वहीं भविष्य में यह जलाशय गांव की कृषि और पशुपालन गतिविधियों के लिए उपयोगी संसाधन साबित होगा।
6.33 लाख रुपये की लागत से बन रहा तालाब, 100 से अधिक ग्रामीणों को मिला रोजगार
वित्तीय वर्ष 2026-27 में ग्राम पंचायत अड़ची में नवीन तालाब निर्माण के लिए 6 लाख 33 हजार 912 रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस कार्य में 100 से अधिक ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। गांव में ही काम मिलने से श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर आजीविका अर्जित करने का अवसर मिल रहा है और परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिल रही है।
तालाब निर्माण का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गांव में जल संरक्षण की स्थायी सुविधा विकसित करना भी है। तालाब में वर्षा जल का संग्रहण होने से आसपास की कृषि भूमि में सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर होने की संभावना है। इसके साथ ही पशुपालन करने वाले परिवारों को गाय-बैल एवं अन्य मवेशियों के लिए पानी की सुविधा मिल सकेगी। इस तरह तालाब निर्माण वर्तमान रोजगार आवश्यकताओं के साथ गांव की भविष्य की जरूरतों को भी पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
डिजिटल उपस्थिति से रोजगार कार्यों में पारदर्शिता, फेस ऑथेंटिकेशन का हो रहा उपयोग
अड़ची में तालाब निर्माण कार्य के दौरान श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस) ऐप का उपयोग किया जा रहा है। इसके साथ फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के माध्यम से श्रमिकों की पहचान और उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाया गया है।
डिजिटल प्रणाली के माध्यम से कार्यस्थल पर श्रमिकों की उपस्थिति का रिकॉर्ड संधारित करने और रोजगार कार्यों की निगरानी में सहायता मिल रही है। इससे उपस्थिति संबंधी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल रही है।
रुक्मनिया यादव की खुशी रू गांव में काम भी मिला, अब खेतों को भी मिलेगा पानी
ग्राम पंचायत अड़ची निवासी श्रीमती रुक्मनिया यादव भी तालाब निर्माण कार्य में मजदूरी कर रही हैं। वे बताती हैं कि गांव में ही रोजगार मिलने से ग्रामीण परिवारों को बड़ी सुविधा हो रही है। काम के लिए दूर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है और स्थानीय स्तर पर ही मजदूरी कर परिवार की आजीविका में योगदान देने का अवसर मिल रहा है।
रुक्मनिया यादव ने रोजगार के दिनों में 100 से बढ़ाकर 125 दिन तथा मजदूरी दर में 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये किए जाने पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसर बढ़ने और मजदूरी दर में वृद्धि से ग्रामीण श्रमिकों को आर्थिक संबल मिलेगा।
तालाब निर्माण को लेकर उत्साहित रुक्मनिया बताती हैं कि गांव में नया तालाब बनने से आसपास के खेतों में सिंचाई की सुविधा विकसित होगी। इसके साथ ही गाय-बैल और अन्य मवेशियों के लिए भी पानी उपलब्ध हो सकेगा। इससे खेती-किसानी और पशुपालन करने वाले परिवारों को लाभ मिलेगा। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और विकास कार्यों के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
आज रोजगार का सहारा, कल खेती और पशुपालन के लिए बनेगा उपयोगी संसाधन
अड़ची में तालाब निर्माण से ग्रामीणों को दोहरा लाभ मिलने की उम्मीद है। एक ओर निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय श्रमिकों को रोजगार और मजदूरी के माध्यम से आय अर्जित करने का अवसर मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर गांव में जल संरक्षण की स्थायी परिसंपत्ति तैयार हो रही है। तालाब बनने के बाद वर्षा जल का संचयन कर कृषि एवं पशुपालन की गतिविधियों में उपयोग किया जा सकेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के कार्यों से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। जल संरक्षण की सुविधाएं विकसित होने से कृषि आधारित आजीविका को मजबूत करने और ग्रामीण परिवारों की एक ही आय स्रोत पर निर्भरता कम करने की संभावनाएं बढ़ती हैं।
सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत ग्राम पंचायत अड़ची में निर्माणाधीन तालाब ग्रामीण विकास की इसी सोच को आगे बढ़ा रहा है। वीबी-जी राम जी के तहत रोजगार सृजन, जल संरक्षण और डिजिटल उपस्थिति व्यवस्था का समन्वय ग्रामीणों के लिए आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के साथ भविष्य की जरूरतों के अनुरूप स्थायी संसाधन विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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