प्रधानमंत्री के सलाहकार  तरुण कपूर ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों की समीक्षा की

प्रधानमंत्री के सलाहकार  तरुण कपूर ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों की समीक्षा की

हरियालो राजस्थान अभियान एवं इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के माध्यम से प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में लिए जा रहे प्रभावी कदम: मुख्य सचिव

जयपुर। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति की समीक्षा एवं प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों को लेकर प्रधानमंत्री के सलाहकार  तरुण कपूर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश एवं पंजाब के मुख्य सचिवों की बैठक ली। बैठक में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता की स्थिति, प्रदूषण के प्रमुख कारणों तथा प्रदूषण नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा की। 

 बैठक में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अध्यक्ष  राजेश वर्मा,  पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव (MoEFCC)  तन्मय कुमार,  राजधानी विकास विभाग की सचिव मती डी. थारा ,राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) के सदस्य सचिव  एन. सरवाना कुमार प्रधानमंत्री कार्यलय से जुड़े। 

संबंधित राज्यों द्वारा प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों तथा आगामी समय में आवश्यक कदमों पर भी बैठक में चर्चा की गई।
 तरुण कपूर ने मानसून के बाद सड़कों पर जमा धूल की प्रभावी सफाई के लिए 15 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक विशेष क्लीनिंग ड्राइव चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदूषण को नियंत्रित करने की दिशा में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के आसपास की सड़कों की उपचारित जल से धुलाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

उन्होंने  प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग में तेजी लाने पर जोर देते हुए कहा कि यह प्रदूषण नियंत्रण से सीधे जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है  ईंधन की खपत को कम करने एवं प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को गति देने की दिशा में सभी राज्य इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दें ।उन्होंने निर्धारित समय सीमा तक सभी ईंधन स्टेशनों पर वाहन पंजीकरण एवं प्रमाणीकरण (VAHAN) से एकीकृत स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (ANPR) कैमरे के संचालन एवं  प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण, वायु गुणवत्ता की नियमित निगरानी, पराली एवं बायोमास जलाने पर रोक तथा पौधारोपण जैसे उपायों को प्राथमिकता के साथ लागू करने के संबंध में भी चर्चा की गई।

मुख्य सचिव  वी. निवास ने राजस्थान की ओर से राज्य में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए जा रहे समग्र प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ‘परिवर्तन’ कार्यक्रम के तहत एनसीआर क्षेत्र में 5,268 पुराने एवं प्रदूषणकारी वाहनों के चरणबद्ध प्रतिस्थापन की दिशा में कार्य कर रही है। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का लगातार विस्तार किया जा रहा है, जिससे स्वच्छ एवं टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क धूल नियंत्रण के लिए यांत्रिक सड़क सफाई (मैकेनाइज्ड स्वीपिंग) सहित अन्य प्रभावी उपायों को प्राथमिकता के साथ लागू किया जा रहा है। 

उन्होंने बताया कि राज्य में निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट (सी एंड डी वेस्ट) के वैज्ञानिक प्रबंधन, निर्माण स्थलों की प्रभावी निगरानी, वायु गुणवत्ता की नियमित निगरानी, औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण तथा पराली एवं बायोमास जलाने की रोकथाम के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में संचालित ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया जा रहा है। 

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग  आनन्द कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव सार्वजानिक निर्माण विभाग  प्रवीण गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवासन  आलोक गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव, परिवहन विभाग  भवानी सिंह देथा एवं शासन सचिव  पर्यावरण एवं जलवायु मती शैलजा देवल, सदस्य सचिव  राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल,  कपिल चंद्रवाल सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।