सीएम मान का ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ का असर, नशा छोड़ रोजगार की ओर बढ़ रहा पंजाब का युवा
चंडीगढ़, पंजाब में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। भगवंत मान सरकार द्वारा शुरू किया गया ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नशा पीड़ितों के पुनर्वास और उन्हें समाज में दोबारा स्थापित करने पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। इस पहल के चलते कई लोग अब नशे की दुनिया से बाहर निकलकर सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं।
व्यापक रणनीति का असर
यह अभियान केवल नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं है। सरकार का उद्देश्य नशा पीड़ितों को समाज की मुख्यधारा में वापस लाना है। इसके लिए परामर्श, इलाज और पुनर्वास सेवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ा जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि बिना आर्थिक स्थिरता के किसी भी व्यक्ति की पूरी तरह रिकवरी संभव नहीं है। इसलिए नौकरी को इस पूरी प्रक्रिया का अहम हिस्सा बनाया गया है।
रोजगार नशा मुक्ति के बाद का सिर्फ एक चरण नहीं, बल्कि एक नई जिंदगी की नींव है। यह लोगों को आत्मसम्मान, आर्थिक स्वतंत्रता और समाज में फिर से पहचान दिलाने में मदद करता है। अभिषेक का संदेश भी यही है कि नशे से दूर रहना ही सबसे बेहतर रास्ता है, क्योंकि यह धीरे-धीरे पूरी जिंदगी को बर्बाद कर देता है।
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