विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्ध घुमंतु वर्ग के कल्याण और मुख्य धारा से जोड़ने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: राज्यमंत्री गौर
भोपाल, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने कहा है कि विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्ध घुमन्तु समुदायों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। इन वर्गों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने, शिक्षा एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रभावी रणनीति के साथ कार्य किया जा रहा है।
राज्यमंत्री गौर ने विधानसभा के समिति कक्ष क्रमांक-6 में विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग की परामर्शदात्री समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। बैठक में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, नवाचारों और गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर सागर (बण्डा) विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी, सेंधवा विधायक मोंटी सोलंकी और विभाग के संचालक बुद्धेश वैद्य उपस्थित रहे।
राज्यमंत्री गौर ने बताया कि विभाग द्वारा इन समुदायों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। शासन की कल्याणकारी योजनाओं के समेकित विकास के लिये प्रथम चरण में प्रदेश के 12 जिलों में 'जन अभियान परिषद' के माध्यम से सर्वेक्षण का कार्य करवाया जा रहा है। इनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, कटनी, धार, सीहोर, विदिशा, मंदसौर, रायसेन, शाजापुर एवं राजगढ़ जिले शामिल हैं।
राज्यमंत्री गौर ने बताया कि राष्ट्रीय विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु समुदाय कल्याण एवं विकास बोर्ड द्वारा संचालित 'सीड' परियोजना के आवास घटक के तहत प्रदेश में 3047 पात्र हितग्राहियों की सूची स्वीकृति हेतु भेजी गई है। इसके अंतर्गत 7 जिलों के हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 100 प्रतिशत अनुदान (केंद्र सरकार) दिलाने के लिए एम.ओ.यू. पर सहमति बन चुकी है।
केन्द्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा गठित राष्ट्रीय बोर्ड के माध्यम से 'सीड परियोजना' में समुदाय के विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग प्रदान की जा रही है। 'बडी फॉर स्टडी' संस्था के माध्यम से विद्यार्थी संघ लोक सेवा आयोग, म.प्र. लोक सेवा आयोग, एसएससी, ग्रामीण बैंक, क्लेट, जेईई, नीट और एनडीए जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। वर्ष 2024-25 में इस योजना से 94 विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया है और वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कार्यवाही प्रचलन में है।
बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश में निवासरत विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु समुदायों के परिवारों के लिए जाति प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को अत्यधिक सरल कर दिया गया है। अब अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से सुगमता से जाति प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं।
राज्यमंत्री गौर ने शासन की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए ताकि कोई भी पात्र हितग्राही लाभ से वंचित न रहे। बैठक में उपस्थित समिति सदस्यों ने भी अपने महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए, जिन पर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
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