बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत 29 बालिकाओं ने किया शासकीय कार्यालयों का शैक्षणिक भ्रमण

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत 29 बालिकाओं ने किया शासकीय कार्यालयों का शैक्षणिक भ्रमण

एमसीबी, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत बालिकाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं प्रशासनिक समझ विकसित करने के उद्देश्य से महिला सशक्तिकरण केंद्र (हब), जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर द्वारा शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (टी-संवर्ग) की 29 बालिकाओं को विभिन्न शासकीय कार्यालयों का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। कलेक्टर संतन देवी जांगड़े के निर्देशानुसार तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकगण भी उपस्थित रहे।
भ्रमण के दौरान बालिकाओं को सखी वन स्टॉप सेंटर, जिला बाल संरक्षण इकाई, किशोर न्याय बोर्ड, चाइल्ड हेल्पलाइन एवं बाल कल्याण समिति की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। संबंधित अधिकारियों ने महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण तथा सहायता के लिए संचालित व्यवस्थाओं की जानकारी दी। बालिकाओं को महिला हेल्पलाइन 181 एवं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की उपयोगिता और आवश्यकता पड़ने पर सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया भी समझाई गई।
इस अवसर पर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना, मिशन वात्सल्य, स्पॉन्सरशिप योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY), सुकन्या समृद्धि योजना, महिला सशक्तिकरण तथा बाल विवाह की रोकथाम से संबंधित जानकारी प्रदान की गई। अधिकारियों ने बताया कि महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों की रक्षा और जरूरतमंदों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न शासकीय संस्थाएं कार्यरत हैं।
कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को शिक्षा के महत्व, आत्मनिर्भरता, नेतृत्व क्षमता, साइबर सुरक्षा, यातायात सुरक्षा, स्वच्छता तथा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया। उन्हें अपने लक्ष्य निर्धारित कर शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने, आत्मविश्वास के साथ निर्णय लेने और भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
बालिकाओं ने अधिकारियों से संवाद कर शासकीय सेवाओं एवं प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए व्यावहारिक जानकारी प्रदान की। यह शैक्षणिक भ्रमण बालिकाओं के ज्ञानवर्धन, व्यक्तित्व विकास एवं सकारात्मक दृष्टिकोण निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रही। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा स्वल्पाहार के पश्चात कार्यक्रम का समापन हुआ।