हो सकता है कमलनाथ को कोई सपना आता हो...
राजनीति में सब एक दूसरे के दोस्त होते है - फग्गन सिंह कुलस्ते
Syed Javed Ali
मंडला - बुधवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में शामिल होने मंडला पहुंचे केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कांग्रेस पर हमला बोला। राम मंदिर के शिलांन्यास प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किये जाने और शंकराचार्य को आमंत्रित न करने पर कांग्रेस के सवालों पर उन्होंने कांग्रेस और दिग्विजय सिंह दोनों को घेरा। दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के एक दूसरे के अभिवादन करने को सामान्य बताया। उन्होंने कहा कि राजनीति में सब एक दूसरे के दोस्त होते है। कमलनाथ द्वारा मध्य प्रदेश में फिर से कांग्रेस की सरकार बनने संबंधी बयान पर कुलस्ते ने कहा कि हो सकता है उनको रात में कोई सपना आता हो।
भारत सरकार के इस्पात राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में शामिल होने मंडला पहुंचे। उन्होंने बैठक में अधिकारीयों को विभिन्न मुद्दों के साथ - साथ कोरोना की रोकथाम को लेकर निर्देश दिए। बैठक के बाद कुलस्ते ने मीडिया से बात करते हुए कई बयान दिए। उन्होंने राम मंदिर मुद्दे पर प्रधान मंत्री के द्वारा किये जाने वाले और शंकराचार्य को नहीं बुलाये जाने पर हो रही सियासत पर हर अच्छा होता है पुण्य का काम होता है तो कांग्रेस को लगेगा ही। सुप्रीम कोर्ट के कहने पर प्रधान मंत्री ने समिति बनाई। अगस्त में विधिवत विशाल राम मंदिर का काम शुरू होगा। मंदिर के दरवाजे सब के लिए खुले है। दिग्विजय सिंह बने रहने के लिए इस तरह की बयानबाजी करते रहते है।
फग्गन सिंह कुलस्ते ने आज राज्य सभा में दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के एक दूसरे के अभिवादन करने को लेकर कहा कि राजनीति में सब एक दूसरे के दोस्त होते है जब मैदान में आते है तो दुश्मन होते है। सांसद के नाते मित्र है राजनैतिक दल के नाते दुश्मन है। अपने अपने तरीके से अभिवादन करते है उसमे बुराई क्या है ? राजनीति में हम जनता के लिए लड़ते है हमारी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है इसलिए एक दूसरे के बारे में अच्छे मन से सोचना चाहिए।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक में कमलनाथ ने अपने विधायकों में जोश भरते हुए कहा था कि हमारी अगली बैठक राज भवन में शपथ के साथ होगी। इस पर उन्होंने कहा कि हो सकता है उनको रात में कोई सपना आता हो। एक बार चिड़िया उड़ गई तो फिर उसका कोई इलाज नहीं है। राजिस्थान में चल रहे सियासी ड्रामा पर उन्होंने कहा कि हमने वहां अभी तक कोई कोशिश नहीं की। अपने ढंग से यदि सरकार गिर जाएगी तो हम क्या करेंगे। हमारी न कोई मंशा है न नियत है। उनके कर्म दंड कांग्रेस भोगेगी। अशोक गहलोत और सचिन पायलट के आंतरिक कलह के कारन यदि जनता परेशान होगी तो हम इस लड़ाई को लड़ेंगे।