IMA का धरना-प्रदर्शन, कल देशभर में बंद रहेंगी OPD सुविधाएं

IMA का धरना-प्रदर्शन, कल देशभर में बंद रहेंगी OPD सुविधाएं

 
नई दिल्ली     

पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों की पिटाई की घटना से अब तक गुस्सा बरकरार है. इंडियन मेडिकल असोसिएशन (IMA) ने देशभर में सोमवार को 24 घंटे की हड़ताल का ऐलान किया है. इससे सभी गैर-जरूरी सुविधाएं बंद रहेंगी और अस्पतालों के ओपीडी सुबह 6 बजे से बंद रहेंगे. इसके अलावा इंडियन मेडिकल असोसिएशन दिल्ली स्थित आईएमए हेडक्वॉटर्स में 'धरना' आयोजित करेगा. धरना-प्रदर्शन सोमवार सुबह 10 बजे से शुरू होगा.

आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजन शर्मा ने बताया कि पहली बार कॉरपोरेट अस्पताल भी हड़ताल में शामिल हो रहे हैं. शर्मा ने कहा एम्स और सफदरजंग के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन को भी हड़ताल में शामिल होने की अपील की गई है. हालांकि उनका रुख अभी तक साफ नहीं हुआ है. हाई फीवर हो, चोट लग गई हो, छाती में दर्द हो, हार्ट अटैक आ जाए तो मरीज इमरजेंसी में जाकर इलाज करवाएं. रूटीन ओपीडी बंद रहेगी और रूटीन ऑपरेशन नहीं होगा.

आईएमए के मानद सहायक सचिव डॉ एस के पोद्दार ने दावा किया कि गाइनी की ऑल इंडिया एसोसिएशन फॉक्सी ने लिखित में शामिल होने की बात कही है. रेडियोलॉजिस्ट की एसोसिएशन, जो आईएमए के मेंबर नहीं है उनका भी समर्थन है. आईएमए के सदस्यों की संख्या करीब साढ़े तीन लाख है जबकि प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों की संख्या 10 लाख के करीब. वहीं हर मेंबर एक अलग एसोसिएशन को रिप्रेजेंट करता है. ऐसे में हड़ताल बड़ी होने की आशंका है.

पिछले सोमवार को पश्चिम बंगाल के एनआरएस मेडिकल कॉलेज में एक मरीज की मौत के बाद उसके तिमारदारों ने दो जूनियर डॉक्टरों की पिटाई कर दी थी, जिसके बाद डॉक्टर्स हड़ताल पर बैठ गए. देश के कई अन्य हिस्सों से भी डॉक्टरों को अन्य डॉक्टर्स का साथ मिला. शनिवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फिर सरकारी अस्पतालों के जूनियर डॉक्टरों से हड़ताल खत्म करने की अपील की और आश्वासन दिया कि सरकार उनके खिलाफ एस्मा (आवश्यक सेवा प्रतिरक्षण अधिनियम) लागू नहीं करेगी.

 उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समस्या का 'शांतिपूर्ण समाधान' खोजने की दिशा में काम कर रही है और अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी उपाय करने की मांग पर विचार के लिए तैयार है. ममता ने राज्य सचिवालय 'नवान्न' में कहा, "मैं मेडिकल बिरादरी से जुड़े सभी लोगों से पहले ही अपील कर चुकी हूं कि वे मरीजों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए हड़ताल खत्म करें. मैं जूनियर डॉक्टरों से फिर अपील करती हूं कि वे आंदोलन खत्म करें. हम बातचीत के लिए हमेशा तैयार हैं."
उन्होंने कहा, "शुक्रवार को मैंने जूनियर डॉक्टरों से बातचीत के लिए लगभग पांच घंटे इंतजार किया, लेकिन वे नहीं पहुंचे. उन्होंने सीनियर डॉक्टरों से कहा कि शनिवार को आएंगे. इसलिए मैंने प्रशासकों की अपनी टीम के साथ उनका इंतजार करती रही, लेकिन वे नहीं आए. मैं सभी से काम पर लौटने की अपील करती हूं।" ममता ने उदाहरण देते हुए कि दिल्ली, गुजरात और तमिलनाडु जैसे कई राज्यों में डॉक्टरों के आंदोलन को खत्म कराने के लिए एस्मा लागू किया गया था.