एक साल पहले 20 मार्च को को गिरी थी कमलनाथ की कांग्रेस सरकार

एक साल पहले 20 मार्च को को गिरी थी कमलनाथ की कांग्रेस सरकार

सालगिरह पर सिंधिया को सम्मान देकर शिवराज ने जताया आभार

भोपाल, मध्य प्रदेश में 15 महीने सरकार में रहने के बाद कमल नाथ ने एक साल पहले 20 मार्च को ही मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ी थी। यही वो दिन है, जब भाजपा की सरकार बनने का रास्ता साफ हुआ था। कांग्रेस सरकार के पतन में राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया की भूमिका महत्वपूर्ण थी।

मुख्यमंत्री ने सिंधिया को भोपाल आमंत्रित किया

इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें भोपाल आमंत्रित किया और दोपहर का भोज देकर उन सभी नेताओं का आभार जताया, जिनकी बदौलत प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी थी। इसके पीछे का भाव परस्पर सम्मान और आभार जताने जैसा है।

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कांग्रेस में रहते सिंधिया की सबसे बड़ी शिकायत सम्मान को लेकर ही थी। शिवराज ने इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश भी दिया कि पार्टी हित में सहयोगी रहे नेता हमेशा महत्वपूर्ण होते हैं। हर नेता का सम्मान कायम रहता है।

सिंधिया का भोपाल में एकमात्र कार्यक्रम मुख्यमंत्री से मुलाकात का रहा

सिंधिया का शनिवार को भोपाल में एकमात्र कार्यक्रम मुख्यमंत्री से मुलाकात का रहा। यहां पहुंचने के बाद सिंधिया मुख्यमंत्री के निवास पर पहुंचे और शिवराज सरकार का एक साल पूरा होने पर बधाई दी। यहां से दोनों नेता स्मार्ट सिटी पार्क पहुंचे और दो पौधे रोपे। इसके बाद साथ में दोपहर का भोजन किया। इस मौके पर सिंधिया समर्थक मंत्री भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री से मेल-मुलाकात के बाद सिंधिया दिल्ली रवाना हो गए। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि शिवराज-सिंधिया की मुलाकात का यह आयोजन दोनों नेताओं का एक-दूसरे के प्रति सम्मान के तौर पर देखा जाना चाहिए। भाजपा में शामिल होने के समय से ही कांग्रेस नेता आरोप लगाते रहे हैं कि सिंधिया को जो सम्मान कांग्रेस में मिलता था, वह भाजपा में नहीं मिलेगा। हाल ही में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इससे संबंधित टिप्पणी की थी। इस मुलाकात का सीधा संदेश यह है कि भाजपा में सिंधिया ही नहीं, उनके समर्थकों को भी पूरा सम्मान दिया जा रहा है।