मप्र के बड़े ठेकेदारों ने रखीं तीन शर्तें, छोटी शराब दुकानें खुलीं

मप्र के बड़े ठेकेदारों ने रखीं तीन शर्तें, छोटी शराब दुकानें खुलीं
भोपाल। शराब की लाइसेंस फीस माफ करने को लेकर सरकार और शराब ठेकेदारों के बीच चल रहा गतिरोध जल्द समाप्त हो सकता है। कई जिलों में छोटे शराब कारोबारियों ने दुकानें खोल ली हैं वहीं बड़े ठेकेदारों ने आज हुई आबकारी विभाग के अपर मुख्य सचिव और आयुक्त से बातचीत में आर्थिक नुकसान से बचने के लिए 3 सूत्रीय फार्मूला दिया है। हालांकि आबकारी विभाग ने कहा है कि वह इसे मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाकर ही अमल करा सकता है। इन बड़े समूहों की दुकानें अभी भी बंद हैं। दूसरी ओर सरकार ने यह साफ कर दिया है कि दुकानें सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही खुलेंगी। इसमें कोई रियायत नहीं होगी। इसके पहले कल तक शराब ठेकेदार मांग कर रहे थे कि अप्रेल माह के नुकसान के बदले लाइसेंस की फीस में छूट दी जाए। इससे हजार करोड़ रुपए का नुकसान ठेकेदारों को हुआ है। इसके अलावा शराब दुकान खोलने पर सोशल डिस्टेंसिंग टूटने और संक्रमण बढ़ने पर जिम्मेदारी कौन लेगा, इसे लेकर चिंता जताई गई थी। भोपाल में 11 चेकपोस्ट पर उप निरीक्षक तैनात भोपाल रेड जोन में होने के बाद भी यहाँ शराब की सप्लाई जारी है। इससे सरकार की किरकिरी हो रही है। इसे देखते हुई भोपाल के सभी 11 चेक पोस्ट पर निरीक्षण के लिए आबकारी सब इंस्पेक्टर तैनात कर दिए हैं।