ढाबों पर खुलेआम हो रही अवैध रूप से शराब, पेट्रोल व डीजल की बिक्री

ढाबों पर खुलेआम हो रही अवैध रूप से शराब, पेट्रोल व डीजल की बिक्री
satyanarayan sharma भिण्ड। जिले की सीमा में संचालित अधिकतर ढाबों पर शराब, पेट्रोल व डीजल की बिक्री के लिए बनाए गए नियम लागू नहीं हो रहे हैं। यहां अवैध रूप से शराब परोसी जा रही है साथ ही डीजल व पेट्रोल की बिक्री भी धड़ल्ले से हो रही है। हैरत की बात यह है कि अब तक इस मामले पर प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई है और इन ढाबों को लगातार सह दी जा रही है। शराब का अवैध कारोबार इन ढ़ाबों की मदद से फल फूल रहा है, वहीं डीजल व पेट्रोल के अवैध भंडारण व बिक्री पर जिम्मेदारों का नियंत्रण नहीं रहा है। मुनाफाखोरी के चक्कर में ढ़ाबा संचालक नियमों की अनदेखी तो कर ही रहे हैं साथ ही प्रशासन को ठेंगा भी दिखा रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है कि सिर्फ विशेष मौकों पर ही इन ढाबों पर चल रही अवैध गतिविधियों की याद प्रशासन व पुलिस को क्यों आती है, बाकि के समय इनकी मनमानी पर जिम्मेदार मुंह फेरकार क्यों बैठ जाते हैं। ढ़ाबों पर शराब परोसे जाने से सड़क हादसों में तेजी से वृद्धि हो रही है, वहीं पेट्रोल व डीजल के अवैध व्यापार से यहंा सुरक्षा में भी बड़े स्तर पर सेंध लगाई जा रही है। शराब परोसे जाने से होते सडक हादसे ढाबों पर वाहन चालक यहां खाना खाने के लिए रुकते हैं तो यहां हाईवे पर उन्हें आसानी से शराब उपलब्ध हो जाती है। ऐसे में वह शराब का सेवन कर नशे में धुत्त होकर वाहन चलाते हैं जो सडक हादसों का कारण बन रहे है। इस मामले को भलीभांती पुलिस भी समझती है, लेकिन इस दिशा में सख्ती से कदम उठाने की ओर ध्यान नहीं दे रही है। बात यह भी सामने आई है कि शराब की अवैध बिक्री पर यह ढाबे मोटा कमीशन मार रहे हैं और इनकी ओर से पुलिस को हिस्सा पहुंचाया जाता है। डीजल-पेट्रोल का चल रहा अवैध धंधा हाईवे पर संचालित ढ़ाबों पर न सिर्फ अवैध रूप से शराब की बिक्री की जा रही है, बल्कि यहां डीजल-पेट्रोल को भी धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। इस पर कभी जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया। इस कारण ढाबो संचालकों को सह मिल रही है और यह अवैध रूप से डीजल व पेट्रोल का भंडारण कर सुरक्षा को नजर अंदाज कर रहे हैं। यहंा पेट्रोल-डीजल की बिक्री मन माने दामों पर की जाती है और आमजन की परेशानी का फायदा उठाकर जमकर मुनाफाखोरी की जा रही है। वक्त-वक्त पर होने चाहिए निरीक्षण ढ़ाबों पर चल रही मनमानी के खिलाफ प्रशासन को कदम उठाने चाहिए और इसके साथ ही समय-समय पर इनके निरीक्षण कर चल रही मनमानी पर नजर रखी जानी चाहिए, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अगर प्रशासन वक्त वक्त पर इन ढाबों पर छापे मारे तो बड़े स्तर की मनमानी पर अंकुश लगाया जा सकता है। अनियमितताओं के लिए जाने जाते ढाबों पर अनियमितताओं का दौर है कि थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिले में यह ढाबे नियमों को ताक पर रख संचालित हैं। यहां नियम मुताबिक शौचालयों का निर्माण नहीं कराया गया है और यहां आने वालों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ रहा है। इस कारण स्वच्छता अभियान में सेंध लग रही है। इस बात को उजागर किए जाने के बाद भी प्रशासन की नींद नहीं उचकी है।