नई दिल्ली। देश में सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने ग्राहकों को महत्वपूर्ण सूचना दी है। यह सूचना आईएफएससी और उससे जुड़े बेनिफिशरी को लेकर है।
भारतीय स्टेट बैंक ने अपने आधिकारिक टि्वटर हैंडल पर ट्वीट करते हुए लिखा है कि यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के पंजाब नेशनल बैंक के साथ मर्ज होने के बाद कस्टमर्स को अपने पुराने बेनिफिशरी को अकाउंट से डिलीट कर देना चाहिए। बाद में नए आईएफएससी के साथ बेनिफिशरी को दोबारा रजिस्टर करना चाहिए।
बैंक ने अपने ट्वीट में यह भी लिखा है कि पेमेंट फेल्योर से बचने के लिए जरूरी है कि कस्टमर्स बेनिफिशरी लिस्ट को दोबारा रजिस्टर करें।
दरअसल, ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि यूबीआई और ओबीसी बैंक का पंजाब नेशनल बैंक के साथ विलय हुआ है। अब पूरा का पूरा आईएफएससी कोड भी बदल गया है, लेकिन अगर एसबीआई कस्टमर अब भी पुराने कोड के साथ बेनिफिशरी का रिकॉर्ड दर्ज किए हुए हैं, तो पेमेंट करने में दिक्कत आएगी। ट्रांसफर फेल हो जाएगा। यह तब तक होगा जब तक नया आईएफएससी कोड रजिस्टर नहीं किया जाएगा।
ऐसी स्थिति में दूसरे बैंकों से पेमेंट करने या लेने में कोई दिक्कत न आए, इसके लिए बेनिफिशरी लिस्ट को फिर से रजिस्ट करना जरूरी है। यही नहीं बैंकिंग सिस्टम में हाल ही में किए गए बदलाव के बाद स्टेट बैंक ने अपने देश भर की सभी 1295 ब्रांच के लिए नए कोड और उसी के हिसाब से IFSC कोड जारी किए हैं।
ऐसे में अगर कोई पीएनबी के साथ पेमेंट के लिए पुराने आईएफएससी कोड के जरिये लेन-देन करना चाहेगा, तो उसका ट्रांजेक्शन फेल हो सकता है। बैंक ने ग्राहकों को असुविधा से बचने के लिए बेनिफिशरी के नाम दोबारा रजिस्टर करने की अपील की है, ताकि आसानी से लेन-देन किया जा सके।
तो ये आएगी दिक्कत
बैंकों के मर्ज होने से पहले कोई दिक्कत नही थी, लेकिन अब यूबीआई और ओबीसी पंजाब नेशनल बैंक का हिस्सा हैं। पीएनबी ने आईएफएससी की नई लिस्ट भी जारी की है। अब मर्ज होने से पहले के आईएफएससी कोड काम नहीं करेंगे, इसलिए पेमेंट फेल न हो, इसके लिए नए आईएफएससी कोड को रजिस्टर करना जरूरी होगा।
सरल शब्दों में कहें तो जैसे किसी एसबीआई कस्टमर ने अपने मोबाइल ऐप या इंटरनेट बैंक अकाउंट में किसी यूबीआई या ओबीसी कस्टमर का पुराना आईएफएससी कोड सेव किया है, अगर उस पुराने कोड के जरिये आरटीजीएस, आईएमपीएस या एनईएफटी से पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे तो वह फेल हो जाएगा। ऐसा तब तक होगा जब तक पुराने बेनिफिशरी को डिलीट कर नए आईएफएससी कोड के साथ फिर से उसे रजिस्टर न किया जाए।
ये करने पर नहीं आएगी दिक्कत
मोबाइल या इंटरनेट के जरिये पैसा ट्रांसफर करना आसान जरिया है। यह सुरक्षित के साथ तेज भी है। अगर मोबाइल ऐप या इंटरनेट बैंकिंग के जरिये पैसे ट्रांसफर करना हो तो पैसे पाने वाले (बेनिफिशरी) का रिकॉर्ड ऐप में दर्ज करना होता है, उसमें नाम, अकाउंट नंबर और आईएफएससी कोड डालना जरूरी होता है।
एसबीआई के ट्वीट के मुताबिक, अगर कस्टमर चाहते हैं कि पेमेंट फेल न हो तो जरूरी है कि यूबीआई और ओबीसी के बेनिफिशरी का आईएफएससी कोड दुरुस्त कर लिजा जाए। पुराना हटाकर नया जोड़ा जाए, जिसके बाद आसानी से ट्रांजेक्शन कर सकेंगे।