शफ़ाक़ जाफरी को मिला मृदुकिशोर वॉइस ऑफ़ द ईयर का ख़िताब
पुरुष वर्ग में निसार खान रहे उपविजेता
महिला वर्ग में लवी बरमैया को मिला पहला स्थान
मृदुकिशोर प्रतिभा खोज सीजन - 2 का हुआ शानदार समापन
Syed Javed Ali
मंडला - रविवार की देर रात मृदुकिशोर प्रतिभा खोज सीजन - 2 का शानदार समापन पुरुस्कार वितरण के साथ हुआ। मृदुकिशोर प्रतिभा खोज में प्रतिभागियों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी। देर रात तक चली इस संगीतमय संध्या का लोगों के खूब आनंद लिया। चार वर्ग में आयोजित मृदुकिशोर प्रतिभा खोज सीजन - 2 के सभी प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं को झूमने के लिए मजबूर कर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत में मृदुकिशोर ग्रुप द्वारा स्वर्गीय मिनाक्षी पाठक को श्रद्धांजलि दी गई। उनका इसी वर्ष दुखद निधन हो गया था। पिछले वर्ष मृदुकिशोर प्रतिभा खोज सीजन - 1 के सफल आयोजन में उन्होंने अपने महती भूमिका का निर्वहन किया था। उनकी बड़ी बहन श्रीमती मृदुला काल्पीवार द्वारा चिट्ठी न कोई संदेश जाने वो कौन सा देश जहाँ तुम चले गए गीत प्रस्तुत कर भावनात्मक श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान उपस्थित सभी श्रोताओं ने खड़े होकर स्वर्गीय मिनाक्षी पाठक को श्रद्धांजलि दी।
शाश्वत तिवारी और अभिजय झा बने विजेता - उपविजेता -
मृदुकिशोर प्रतिभा खोज के वर्ग 1 में 18 वर्ष से कम आयु वर्ग के प्रतिभागियों (छात्र - छात्राएं) के गायन मुकाबले में अकेले है चले आओ जहाँ हो नग्मे की प्रतुती के लिए शाश्वत तिवारी को प्रथम पुरुस्कार प्राप्त हुआ। इस वर्ग में गीत बोल दो न जरा के लिए अभिजय झा को द्वितीय पुरुस्कार प्रदान किया गया। वर्ग 2 में 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की महिला प्रतिभागियों के लिए गायन में लवी बरमैया को पहला स्थान हासिल हुआ। लवी द्वारा गीत भरे भरे मोरे नैना की प्रतुती दी गई। दूसरा स्थान जोशिनीबाला बरकडे ने हासिल किया, उनके द्वारा गीत मोहब्बत बुरी बीमारी की प्रस्तुति दी गई। ऑडिशन राउंड में 10 वर्ष से कम आयु वर्ग के प्रतिभागियों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले 5 प्रतिभागियों को विशेष रूप से पुरुस्कृत किया गया।
शफ़ाक़ जाफरी बने पुरुष वर्ग के विजेता -
वर्ग 3 में सभी आयु वर्ग के प्रतिभागियों (महिला व पुरुष ) के लिए वादन में प्रथम स्थान पर चिराग उइके उइके रहे, जिन्होंने ढोलक पर अपनी प्रस्तुति दी। द्वितीय स्थान आकर्ष दुबे को हासिल हुआ, इन्होने की बोर्ड पर अपनी प्रस्तुति दी। वर्ग 4 में 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के पुरुष प्रतिभागियों के लिए गायन प्रतियोगिता में सभी प्रतिभागियों द्वारा एक से बढ़कर एक नग्मे प्रस्तुत कर लोगों की खूब तालियां बटोरी। इस वर्ग में शफ़क़ जाफरी ने आज की रात मेरे दिल कि सलामी ले ले नग्मे को खूब पसंद किया गया। इसके लिए उन्हें विजेता ट्रॉफी के साथ - साथ वॉइस ऑफ़ द ईयर के ख़िताब से भी नवाज़ा गया। उपविजेता होने का गौरव निसार खान ने हासिल किया। उनके द्वारा झीना झीना झीना उड़ा गुलाल माई तेरी चुनरिया लहराई। निर्णायकों के कहने पर उनके द्वारा कहना है आज तुमसे ये पहली बार गीत प्रस्तुत किया गया। श्रोताओं की ख़ास फरमाईश पर उनके द्वारा कैलाश खैर का गीत तेरी दीवानी की प्रस्तुति खूब पसंद की गई।
इन्होने भी दी प्रस्तुति -
प्रतिभागियों के अलावा श्रीमती गीता काल्पीवार द्वारा बाते ये कभी न भूलना गीत प्रस्तुत किया गया। अनुभव अग्निहोत्री द्वारा पहला पहला प्यार है नगमा प्रस्तुत किया गया। श्रीमती जया सराफ ने तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रखा क्या है। दीपक पांडेय द्वारा हाल क्या है दिलों का न पूंछो सनम गीत प्रस्तुत किया गया।

मृदुकिशोर प्रतिभा खोज सीजन - 2 के निर्णायक मंडल में खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय के रिटायर्ड संगीत शिक्षक और आकाशवाणी व दूरदर्शन के गायन - वादन के ए ग्रेड कलाकार सुरेश भट्ट, नितीश मिश्रा, उदय ठाकुरता और नवोदय विद्यालय पदमी के संगीत शिक्षक दिल्ली घराने के शेख वहीद शामिल थे। ऑर्केस्ट्रा में वेस्टर्न म्यूजिक के मास्टर व देश - विदेश में शो कर चुके उदय ठाकुरता की टीम संगत दी। इसमें की बोर्ड पर उदय ठाकुरता, ऑक्टोपेड पर कमलेश यादव, ढोलक पर दिलीप सुरपन और बॉस गिटार पर संजय वाल्मीक संगत करते नज़र आये।
इस आयोजन में मृदुकिशोर ग्रुप के चेयरमैन किशोर काल्पीवार, मेनेजिंग डायरेक्टर श्रीमती मृदुला काल्पीवार, डायरेक्टर श्रीमती गीता काल्पीवार के साथ - साथ मृदुकिशोर प्रतिभा खोज आयोजन समिति द्वारा उल्लेखनीय भूमिका का निर्वहन किया गया। कार्यक्रम का संचालन अखिलेश उपाध्याय और श्रीमती प्रीति दुबे ने किया। अखिलेश उपाध्याय द्वारा आओ हुजूर तुमको बहारो में ले चालू की प्रसूति भी दी गई जिसे खासा पसंद किया गया।