vipin bairagi
नरसिंहपुर-विगत दिनों पीके पुरोहित को जेल भेज जाने को लेकर कलेक्टर अभय वर्मा विवादों में रहे एवं इसी प्रकरण को अपने समाचार माध्यमों के माध्यम से प्रकाशित करने वाले चार पत्रकारों दीपक श्रीवास्तव,ललित श्रीवास्तव,दीपचंद्र जाटव एवं अभय बानगात्री पर अपर कलेक्टर जे समीर लकरा की शिकायत पर मामला भी दर्ज किया गया,पीके पुरोहित प्रकरण राष्ट्रीय मीडिया तक प्रचलित रहा एवं अधिकांश टीवी चैनलों एवं अखबारों ने एक बुजुर्ग के साथ किये गये कलेक्टर के कृत्य को प्रकाशित एवं प्रसारित किया,लेकिन अपर कलेक्टर द्वारा चार पत्रकारों को चिन्हित कर उनके खिलाफ धारा 188 के तहत मामला दर्ज कराया गया, इसके बाद पत्रकारों ने एकत्रित होकर कलेक्टर अभय वर्मा एवं उनकी कार्यप्रणाली के विरोध में कई ज्ञापन भी दिए अब इन्हीं चार पत्रकारों के खिलाफ रामलाल पटेल समाजसेवी निवासी आमगांव बड़ा नामक एक नामक एक व्यक्ति ने चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है,जिसमें चारों पत्रकारों का आरोप लगाया गया है कि यह चार पत्रकार गुंडे हैं एवं पर सत्ता पक्ष का खुला समर्थन है,इसलिये अब तक इन चारों पत्रकारों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।
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साथ ही शिकायत में स्थानीय मंत्री जी का जिक्र करते हुए लिखा है कि उक्त चारों लोग मंत्री जी के साथ रहते हैं एवं खुलेआम नगर में घूम रहे हैं और व्यापारियों से रंगदारी से टैक्स वसूली करते हैं, शिकायतकर्ता ने चुनाव आयोग से निवेदन किया है कि वह पुलिस अधीक्षक महोदय को आदेश करें कि इन चारों पत्रकारों को जेल में रखा जाए जिससे कि निष्पक्ष चुनाव जिले में हो सकें आगे शिकायत में इन चारों लोगों को बहुत बड़ा अपराधी एवं ब्लैकमेलर बताते हुए इन पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही किए जाने की मांग की गई है,आपको बता दें कि स्थानीय मंत्री जी का जिक्र शिकायत में किया गया है तो जिले में स्थानीय सिर्फ एक ही मंत्री हैं नरसिंहपुर विधायक एवं राज्य मंत्री जालम सिंह पटेल शिकायत में स्पष्ट रूप से मंत्री जी की ओर से इन 4 लोगों को वसूली करने के आरोप लगाए गए हैं शिकायतकर्ता अभी भी मीडिया के दायरे से बाहर हैं,और इन 4 लोगों के साथ यह आरोप कहीं ना कहीं मंत्री जी पर ही लगाए गए हैं कि वह इन चार लोगों को संरक्षण देकर वसूली करवाते हैं, अब इस मामले में पुलिस जांच में क्या सामने आता है यह तो समय गर्त में है, लेकिन आचार संहिता के समय में चुनाव आयोग को की गई है शिकायत बेहद गंभीर एवं चिंताजनक है,एवं शिकायत पर प्रशासन को गंभीरता से सख्त कार्यवाही किये जाने की आवश्यकता है।