योगी का दावा, 6 लाख से ज्यादा मजदूरों को वापस लाई यूपी सरकार

योगी का दावा, 6 लाख से ज्यादा मजदूरों को वापस लाई यूपी सरकार
लखनऊ, कोरोना महामारी के चलते लागू लॉकडाउन में राज्यों से बाहर फंसे मजदूरों को वापस लाने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बड़ा अभियान चलाया था। मंगलवार को सीएम ने दावा किया कि इसके तहत अब तक 6 लाख से ज्यादा मजदूरों को प्रदेश में वापस लाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने दूसरे प्रदेशों से तकरीबन 6.5 लाख मजदूरों को वापस लाकर उनके उपचार का इंतजाम किया है। सीएम ने कहा कि इसके अलावा इन सभी मजदूरों को 1000-1000 रुपये का भरण-पोषण भत्ता भी दिया गया है और उन्हें होम क्वारंटीन होने के लिए उनके घर भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में असहाय दिहाड़ी मजदूरों और अन्य गरीब 30 लाख से अधिक परिवारों को प्रदेश सरकार की ओर से ₹1000 का भरण-पोषण भत्ता और नि:शुल्क खाद्यान्न दिया गया है। साथ ही मनरेगा मजदूरों को बढ़े हुए मेहनताने के साथ भुगतान किया गया है।

88 लाख पेंशनधारियों को मिला अडवांस पेंशन

सीएम ने आगे बताया कि प्रदेश में 88 लाख से ज्यादा पेंशनधारकों को दो महीनों की अग्रिम धनराशि उपलब्ध कराई गई है। राज्य में 2 करोड़ 34 लाख किसानों के खाते में 2-2 हजार रुपये की पहली किस्त अप्रैल में और दूसरी किस्त इसी महीने भेजी जा रही है। 3 करोड़ 26 लाख महिलाओं के जनधन खाते में 1630 करोड़ रुपये अप्रैल में और ₹1630 करोड़ की धनराशि मई माह में भेज दी गई है। सीएम ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सहयोग की अपील की और लोगों से धैर्य और संवेदनशीलता बनाए रखने के लिए कहा। उन्होंने कहा, 'हम प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा और सुविधा के लिए हरसंभव प्रयास करने के लिए पूर्णतया प्रतिबद्ध हैं।' कोटा से छात्रों की वापसी प्रदेश सरकार ने राजस्थान के कोटा में फंसे 11 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं की प्रदेश में सुरक्षित वापसी कराई है। प्रदेश के बाहर ही नहीं बल्कि राज्य के अंदर भी लॉकडाउन में फंसे छात्रों को घर पहुंचाने के लिए योगी सरकार ने पहल की है। इसके तहत प्रयागराज से प्रदेश के विभिन्न जनपदों के 15 हज़ार छात्रों को सरकार सुरक्षित उनके घर पहुंचा चुकी है।