अगर कोई मुझे उकसाएगा, फिर मैं उसे वैसा ही जवाब दूंगा: ऋषभ पंत

अगर कोई मुझे उकसाएगा, फिर मैं उसे वैसा ही जवाब दूंगा: ऋषभ पंत

नई दिल्ली
अभी मुश्किल से एक सप्ताह ही बीता है कि जब टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतकर इतिहास रचा है। भारत की इस उपलब्धि के साथ ही जानकार अब यह भी चर्चा कर रहे हैं कि सीमित ओवर क्रिकेट में अब पूर्व कप्तान एम. एस. धोनी का क्या रोल है क्या पंत को धोनी के स्थान पर मौका मिलने का वक्त आ गया है। इस बीच टेस्ट टीम में खुद को स्थापित कर चुके युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत लगातार पॉपुलर हो रहे हैं और उन्हें अब धोनी और गिलक्रिस्ट के बाद बड़ा विकेटकीपर समझा जा रहा है।


2016 में अंडर-19 वर्ल्ड कप से पहले, पंत भी वैसे ही विकेटकीपर खिलाड़ी थे, जो दूसरे युवा विकेटकीपरों की ही तरह एडम गिलक्रिस्ट को अपना आदर्श मानते थे। लेकिन अगर आज उनसे यही सवाल पूछो, तो वह इसका जवाब और गहराई के साथ देते नजर आते हैं। पंत धीरे से कहते हैं, 'मेरे आदर्श गिलक्रिस्ट और माही भाई (धोनी) दोनों हैं। लेकिन इसका यह मतलब कतई नहीं है कि मैं ऐसा ही खिलाड़ी बनना चाहता हूं। यह ऐसा नहीं है कि आप अपने आदर्श की कॉपी करें। मायने यह रखता है कि अपने आदर्श से कुछ सीखें।'

बांग्लादेश में जब अंडर-19 वर्ल्ड कप खेला गया था, तभी से जानकार पंत को टीम इंडिया में महेंद्र सिंह धोनी के उत्तराधिकारी के तौर पर देख रहे हैं। अब पंत ने थोड़ ही समय में टेस्ट क्रिकेट में दो बड़े शतक जमा दिए हैं। इससे उनका प्रभाव और मजबूत हुआ है। वह काफी फोकस और दृढ़ संकल्प खिलाड़ी दिखते हैं। पंत कहते हैं, 'दो साल पहले मेरे पिता के गुजर जाने के बाद बतौर एक इंसान मुझे खुद को बदलना पड़ा। इन दो सालों में मुझे यह अहसास हुआ कि जिम्मेदारी क्या होती है।'

पंत से जब यह पूछा गया कि सिडनी टेस्ट में शतक जड़ने से पहले नाथन लियोन ने उन्हें आउट किया था, तो उनकी परिपक्वता पर सवाल खड़े किए थे। इसके जवाब में पंत ने कहा, 'मैं उन पारियों में भी आसानी से नाबाद लौट सकता था लेकिन मैं परिस्थितियों के अनुरूप ही खेला और मैंने वही किया, जो मुझसे टीम ने कहा।'

पंत ने इस शहर में वह जीवन जिया है, जो क्रिकेटर बनने का ख्वाब लिए इस बड़े शहर में युवा जीते हैं। वह अपने होमटाउन रुड़की से दूर यहां (दिल्ली) में किराये पर रहे। एक किशोर खिलाड़ी के तौर पर खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि उनके कोच तारक सिन्हा ने उनकी क्षमताओं पर विश्वास दिखाया।

जब तक उनके कोच तारक सिन्हा ने उनके रहने के लिए किराये का घर का इंतजाम नहीं कर दिया, तब तक वह दिल्ली के गुरुद्वारों में रहे। किसी 15 साल के लड़के के लिए ऐसे हालात या तो उसे बना देते हैं या फिर तोड़ देते हैं। पंत को यहां बनने में मदद मिली।

अपने इस अनुभव के बारे में पंत कहते हैं, 'यह अच्छा लगता है, जब आपकी मेहनत रंग लाती है। लेकिन जो भी आज जहां भी पहुंचा है वहां हर किसी का अपना संघर्ष छिपा है। हर किसी के पास अपने अच्छे और बुरे दिनों की यादें हैं।'

ऑस्ट्रेलिया में अपने खेल के अलावा पंत ने जो सुर्खियां बटोरीं उनमें स्टंप माइक में रिकॉर्ड हुई उनकी आवाज और कंगारू टेस्ट कप्तान टिम पेन की पत्नी और बच्चों के साथ बेबीसिटर बनकर तस्वीरें खिंचाने पर भी रहीं। जब पंत से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने जोर देते हुए कहा, 'मैं ऐसा ही हूं। अगर कोई मुझे उकसाएगा, तो मैं भी उसे उसी की भाषा में जवाब दूंगा। मेरे पास अपनी टीम के लिए अच्छा करने की जिम्मेदारी है। लेकिन मुझे कोड ऑफ कंडक्ट की जानकारी है। मुझे अपनी वेल्यू पता है। मैंने स्लेजिंग की और लोगों ने इसे पसंद किया।'


पंत कहते हैं, 'आईपीएल से मुझे पैसा और शोहरत दोनों मिलीं। आप जितना ज्यादा खेलेंगे आपको उतनी ही शोहरत मिलेगी। लेकिन आपको यह तय करना होगा कि कहां आपको लकीर खींचनी है। हां, मैं अब पहले की तरह बाहर नहीं जा सकता, लेकिन आपको खुद के लिए एक नया रास्ता तलाशना होता है।'

इस बातचीत में पंत ने बताया कि वह अपना खाली समय नेटफिलिक्स औप प्ले स्टेशन पर बिताना पसंद करते हैं। इसके अलावा उन्होंने अपनी फिटनेस पर विराट कोहली के फिटनेस रूटीन पर भी खुलकर बात की। पंत कहते हैं, 'विराट भैया ने किसी के लिए कुछ भी जरूरी नहीं बनाया है। वह कहते हैं कि मेरा फिटनेस रूटीन तभी फॉलो करो, अगर यह आपको सूट करे। यह आपको अपने बारे में जानने के लिए है और अपना फिटनेस लेवर वहां पहुंचाने के लिए है, जहां टीम चाहती है।'