19 मार्च से विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान की होगी शुरूआत, स्थानीय आकांक्षाओं पर आधारित होगा विकास का मॉडल: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
समर कंटीन्जेंसी प्लान तैयार, मुख्यमंत्री ने हर गांव एवं कस्बे में प्रभावी पेयजल प्रबंधन के दिए निर्देश
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि गर्मी में आमजन को पेयजल के लिए कोई परेशानी नहीं हो, इसके लिए विभागीय अधिकारी एवं जिला कलक्टर्स तैयार कंटीन्जेंसी प्लान के अनुसार हर गांव और हर कस्बे में प्रभावी मॉनिटरिंग कर पेयजल प्रबंधन सुनिश्चित करें।
शर्मा शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में ग्रीष्मकालीन पूर्व तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गर्मी को देखते हुए निर्बाध पेयजल आपूर्ति के लिए नए हैण्डपम्प, नलकूप लगाने के साथ ही पुराने हैण्डपम्प व नलकूपों की मरम्मत, पाइपलाइनों को दुरस्त करने सहित सभी कार्य समय से पहले हर हाल में पूरे किए जाएं। इन कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाए।
181 पर प्राप्त पेयजल संबंधी समस्याओं का 24 घण्टे में हो निस्तारण
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएचईडी और बिजली विभाग के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि हेल्पलाईन नंबर 181 पर प्राप्त होने वाली पेयजल संबंधी समस्याओं का 24 घण्टे में समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, 48, 72 एवं 96 घण्टों में पेयजल आपूर्ति वाले स्थानों पर अंतराल में कमी लाए जाने के भी प्रयास किए जाएं।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि सभी 41 जिलों के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के लिए कंटिन्जेंसी प्लान तैयार किया जा चुका है। इस दौरान जिला कलक्टर बीकानेर ने नहरी क्षेत्र, जिला कलक्टर जोधपुर ने मरुस्थलीय जिलों, जिला कलक्टर डूंगरपुर ने ट्यूबवैल आधारित पेयजल आपूर्ति एवं जिला कलक्टर उदयपुर ने आदिवासी व पहाड़ी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को लेकर कार्ययोजना से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
राजस्थान दिवस पर शुरू होगा अभियान, गांवों तक पहुंचेगा विकास का रोड़मैप
शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार बजट घोषणा की अनुपालना में ग्राम पंचायत स्तर एवं शहरी नगर निकाय क्षेत्रों में विकास का मास्टर प्लान तैयार करने के लिए 19 मार्च से विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान की शुरुआत करने जा रही है। उन्होंने कहा कि विकसित गांव ही विकसित राजस्थान-विकसित भारत का आधार है और इस दिशा में यह अभियान ऐसा मॉडल बनेगा, जिसके माध्यम से स्थानीय आकांक्षाओं पर आधारित विकास का रोड़मैप गांवों तक पहुंचेगा।
ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्थानीय उद्योगों को करें चिन्हित
शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार की मंशा है कि गांवों, शहरों के वार्डों में नियोजित तरीके से विकास किया जाए तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, सड़क आदि विकास के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए। साथ ही, इस अभियान के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में छोटे एवं लघु स्थानीय उद्योगों को भी चिन्हित करते हुए उनके उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग से जुड़े व्यवसायों की संभावनाएं तलाशी जाए।
स्थानीय विशेषताओं के आधार पर लगाएं फलदार वृक्ष
मुख्यमंत्री ने कहा कि गत दो वर्षों में राज्य में हमने लगभग 19 करोड़ पौधे लगाए हैं तथा इस वर्ष भी 10 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि नर्सरियों में पौधे तैयार करते हुए उनका समय पर वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सरकारी कार्यालयों में पौधारोपण किया जाए तथा स्वच्छता के साथ-साथ इनके संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण के लिए स्थानों का चिन्हीकरण कर लिया जाए एवं स्थानीय विशेषताओं के आधार पर फलदार वृक्ष भी लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि फलदार वृक्ष उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही पानी की बचत में भी सहायक सिद्ध होते हैं।
बैठक में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित अन्य विभागीय उच्चाधिकारी उपस्थित रहे। वहीं वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा सहित विभिन्न संभागीय आयुक्त एवं जिला कलक्टर्स वीसी के माध्यम से जुड़े।
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