आईएएस दंपती अरविंद-टीनू जोशी के खिलाफ मनी लॉण्ड्रिंग का केस

इंदौर
 भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामले में घिरे आईएएस दंपती अरविंद और टीनू जोशी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉण्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

ईडी ने आईएएस दंपती के साथ उनके माता-पिता, बहन और मददगार बने इंश्युरेंस कंपनी की महिला मैनेजर व मध्यस्थ समेत छह लोगों को भी आरोपित बनाया है। दंपती व अन्य के नाम से जुटाई 7.11 करोड़ की अचल संपत्ति भी अटैच कर दी गई है। कोर्ट के सामने डेढ़ हजार से ज्यादा पन्नों की जांच रिपोर्ट पेश की गई है।

आठ साल पहले जोशी दंपती के ठिकानों पर आयकर के छापों के दौरान करोड़ों की नकदी और बेनामी संपत्ति का पता चला था। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस भोपाल ने एफआईआर दर्ज की थी। लोकायुक्त की जांच में जोशी दंपती के पास उनकी आय के मुकाबले 3 हजार गुना से भी ज्यादा संपत्ति होने का पता चला था।

एफआईआर और चार्जशीट का आधार बनाकर ईडी ने जांच शुरू की थी। इसमें जोशी दंपती द्वारा कुल 3 करोड़ 21 लाख 58 हजार 975 रुपए की इंश्युरेंस पॉलिसी खरीदने का पता चला। ये पॉलिसी या तो नकद या फिर थर्ड पार्टी के खातों में पैसे जमा करवाकर खरीदी गई थी।

पॉलिसी दिलवाने में मदद करने वाली आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्युरेंस की मैनेजर सीमा जायसवाल को भी ईडी ने आरोपित बनाया है। जोशी दंपती के घर से आयकर छापों में 3 करोड़ 3 लाख रुपए से ज्यादा की नकदी बरामद हुई थी।

ईडी की पूछताछ में जोशी दंपती इस नकदी के स्रोत के बारे में उचित जवाब नहीं दे सके। ईडी ने जोशी दंपती के घर से डायरियां भी बरामद की हैं। इसमें रिश्वत और भ्रष्टाचार की कमाई का हिसाब कोडवर्ड में लिखा गया था। ईडी ने 110.43 एकड़ जमीन, एक फ्लैट समेत कुल 7.11 करोड़ की चल-अचल संपत्ति और निवेश के अटैचमेंट का आदेश भी जारी कर दिया है।

ईडी ने अरविंद जोशी की बहन आभा घानी जोशी, पिता एचएम जोशी, एसपी कोहली, सिमंत कोहली, हर्षा कोहली, निर्मला जोशी व कंपनी इथोस एक्सपोर्ट को मददगार मानते हुए आरोपित बनाया गया है। एसपी कोहली को मुख्य मददगार माना गया है, जो भ्रष्टाचार के पैसों को अचल संपत्ति में तब्दील करता था।

कोहली ने जोशी की रकम से बहन आभा व अपने बेटे सिमंत कोहली, हर्षा कोहली व अन्य नामों से संपत्ति जुटाई। साथ ही काले धन को सफेद करने के लिए कंपनी का सहारा लिया।

इथोस एक्सपोर्ट नामक इस कंपनी को जोशी के पिता एचएम जोशी के घर के पते पर रजिस्टर्ड कराया गया। इस कंपनी की आय का कोई स्रोत न होते हुए भी फर्जी एंट्री के जरिये काले को सफेद किया गया। कोहली के ठिकानों से भी हिसाब लिखी डायरियां बरामद की गई हैं।